रामपुर बाघेलान क्षेत्र में खनन लीज के विरोध में किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। बैठक बेनतीजा रही, किसान 40 वर्ष की लीज को पीढ़ियों पर बोझ बताते हुए जमीन देने से साफ इनकार कर रहे हैं।
By: Yogesh Patel
Feb 27, 20263:54 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
रामपुर बाघेलान क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि को खनन के लिए चिन्हित किए जाने के विरोध में गुरुवार को एसडीएम कार्यालय में बुलाई गई बैठक तीखे आक्रोश के बीच बेनतीजा समाप्त हो गई। जमुना, जनार्दनपुर, बैरिहा, पटरहाई, पगरा, झिरिया बाजपेयी, झिरिया कोठार और झिरिया कोपरिहान ग्राम पंचायतों के किसान एक स्वर में अड़ गए, सालाना प्रतिकर पर एक इंच जमीन नहीं देंगे। एसडीएम आरएन खरे और डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड के असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरिंदम मुखर्जी, अनुराग, प्रोजेक्ट मैनेजर स्वप्निल शर्मा सहित अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों को नई लीज नीति समझाने की कोशिश की गई, लेकिन किसानों के तीखे सवालों के आगे प्रशासन और कंपनी के तर्क कमजोर पड़ते दिखे।
किसानों ने 40 वर्ष की प्रस्तावित लीज को पीढ़ियों पर बोझ बताते हुए कहा कि 200 फीट गहरी खदान खोदकर जमीन को खेती योग्य लौटाने का दावा अव्यावहारिक है। अधिकांश किसानों ने लिखित आपत्तियां सौंपीं। बैठक के दौरान माहौल इतना गरमाया कि एक समय कंपनी के पदाधिकारी बैठक कक्ष छोड़कर बाहर निकल गए। अंतत: प्रशासन ने आश्वासन दिया कि गांव-गांव जाकर चर्चा की जाएगी, लेकिन किसान अपने रुख पर अडिग रहे। रामपुर बाघेलान में अब मामला महज प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रहा। अलग-अलग तंबुओं में समानांतर कार्यक्रम और बैठक के भीतर तीखा टकराव संकेत दे रहे हैं कि किसानों का आक्रोश संगठित रूप ले चुका है। फिलहाल स्पष्ट है कि किसान झुकने को तैयार नहीं, और लीज प्रक्रिया पर घमासान अभी थमने वाला नहीं।
कड़ी शर्तों के साथ विरोध
बैठक के बाद किसानों ने एसडीएम को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 16 फरवरी को ग्राम बैरिहा की ग्राम सभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों को भी शामिल किया गया। ज्ञापन में उल्लेख है कि 4 फरवरी के खनिज अधिकारी के पत्र के आधार पर कंपनी 40 वर्ष की लीज लेना चाहती है। किसानों ने सवाल उठाया कि देश में ऐसा कोई उदाहरण नहीं जहां खदान को पूर्व स्थिति में पूरी तरह कृषि योग्य बनाया गया हो। ज्ञापन में ग्राम सभा की ये प्रमुख मांगें दोहराई गईं। ज्ञापन में साफ लिखा गया कि वर्तमान शर्तों पर पुस्तैनी जमीन का एक कण भी लीज पर नहीं देंगे।
ये मांगे रहीं मुखर
5 मकानों का पृथक मुआवजा