रीवा में बिजली विभाग की लापरवाही से शॉर्ट सर्किट से आग लगने से अमिलिया गांव में 40 बीघा गेहूं की फसल जल गई। किसानों को भारी नुकसान हुआ और मुआवजे की मांग तेज हो गई।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
किसानों पर बिजली विभाग की लापरवाही कहर बरपा रही है। खेत में खड़ी गेंहू की फसल लगातार स्वाहा हो रही है। लेकिन इस ओर बिजली विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब त्योंथर के अमिलिया गांव में करीब 40 बीघा की फसल जलकर राख हो गई है। घटना रविवार की बतायी गई है। स्थानीय ग्रामीणों की माने तो यह आग भी बिजली तारों में टक्कर के बाद निकली चिंगारी से लगी है।
बताया जा रहा हे कि त्यौंथर तहसील के ग्राम चन्दपुर अमिलिया में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब खड़ी गेहूं की फसल में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और लगभग 40 बीघा फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। लेकिन जब तब मदद पहुंची, तब तक भारी नुकसान हो चुका था। आग लगने का कारण बिजली शार्ट सर्किट को माना जा रहा है। इस घटना से प्रभावित किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। किसानों की माने तो आग एक के बार एक दूसरे खेतों को अपने आगोश में लेती रही। हवा तेज होने के कारण ऐसा हुआ है। हालांकि इस दौरान किसानों ने स्वयं आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। फिर मौके पर फायर ब्रिगेड पहुंची और आग पर काबू पाया।
झूलते लूज तार बन रहे हादसे का कारण
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था अत्यंत घटिया है। यहां आज भी बिजली के पोल तिरछे खड़े हैं और तार जमीन को छूते हैं। यही वजह है कि गर्मी के दिनों में जब हवा चलती है तो इनमें टकराओ होता है और इससे निकली चिंगारी खेतों को जलाकर खाक कर देती है।
ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से तबाह हो गई 5 एकड़ की फसल
इधर मऊगंज जिले के नईगढ़ी जनपद अंतर्गत सिगटी कला गांव में एक भयावह हादसे ने किसानों की कमर तोड़ दी। बिजली ट्रांसफार्मर में हुए शॉर्ट सर्किट से निकली एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। चंद मिनटों में ही खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को राख में तब्दील कर दिया। इस भीषण आगजनी में किसान देवी चरण शुक्ल, राहुल शुक्ला, शुभम शुक्ला और बब्बू शुक्ला की करीब 5 एकड़ गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। महीनों की मेहनत, उम्मीदें व ेलागत आग की लपटों में खत्म हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि सूखी फसल और तेज हवाओं ने आग को भड़काया, जिससे आग ने तेजी से पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी गई, लेकिन समय पर मदद के लिए नहीं पहुंच पाई। ऐसे में गांव के लोगों ने ही हिम्मत दिखाते हुए घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
शार्ट सर्किट से 6 एकड़ गेहूं की फसल जल कर खाक
लालगांव। तहसील सिरमौर विकासखण्ड गंगेव ग्राम पंचायत बड़ोखर में पटपरा बांध में खड़ी गेहूं की फसल विद्युत शॉर्ट सर्किट से आग लग जाने से पूरी जल गई। करीब 6 एकड़ फसल व कुछ अन्य खेतों की भी जल गई है। क्रमश: इन किसानों की पूरी फसल पूरी तरह जल गई सतेंद्र सिंह, बजरंगभान सिंह, बजरंगबली सिंह, ललन सिंह, शासन प्रशासन से अनुरोध है कि सर्वे करा कर फसल का उचित मुआवजा दिलाया जाए।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
रीवा में नीम चौराहा से स्टेडियम तिराहा सड़क निर्माण कार्य दो वर्ष की देरी के बाद शुरू हुआ है। निर्माण एजेंसी, तकनीकी मानकों और कार्य गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं।
रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शुल्क लेने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रहीं। वार्ड ब्वाय की अनुपलब्धता, दवाओं की कमी और स्ट्रेचर तक परिजनों से चलवाने जैसी व्यवस्थागत खामियां सवाल खड़े कर रही हैं।
रीवा के दीनानाथ कोल और ननकी देवी ने संतान न होने की पीड़ा को प्रेरणा बनाकर 105 एकड़ बंजर भूमि को हरियाली में बदल दिया। 35 वर्षों की मेहनत से विकसित यह वन आज पर्यावरण और वन्यजीवों का आश्रय बन चुका है।
सिंगरौली के जियावन क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण और परिवहन को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने रेत माफियाओं के बढ़ते प्रभाव, प्रशासनिक ढिलाई और राजस्व नुकसान के आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नागौद में शराब से लदी लग्जरी कार पकड़े जाने के मामले में फर्जी किरायानामा बनाकर जांच को गुमराह करने की साजिश उजागर हुई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
कोलगवां थाना क्षेत्र में डायल-112 में तैनात आरक्षक पर मवेशी लदे ट्रक से अवैध वसूली का आरोप लगा है। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक को लाइन अटैच कर जांच सीएसपी को सौंप दी।
चित्रकूट में पहली बारिश के दौरान गऊघाट के पास सीवर मैनहोल ओवरफ्लो हो गया। दूषित पानी मंदाकिनी नदी में पहुंचने से नदी संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
सतना नगर निगम महापौर पद के आरक्षण से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस में कई संभावित दावेदारों के नाम चर्चा में हैं, जबकि अंतिम तस्वीर आरक्षण प्रक्रिया के बाद ही साफ होगी।
केंद्र सरकार ने औषधि नियमों में संशोधन कर बिना लाइसेंस कफ सिरप बिक्री पर रोक लगा दी है। अब केवल पंजीकृत फार्मेसियों में ही खांसी की सिरप उपलब्ध होगी, जिससे दुरुपयोग और स्वास्थ्य जोखिमों पर नियंत्रण संभव होगा।