सतना जिले में तेज हवा और बारिश से गर्मी से राहत मिली, लेकिन गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। खड़ी और कटी फसल प्रभावित, किसानों की चिंता बढ़ी, मौसम में उतार-चढ़ाव जारी।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले में शुक्रवार को मौसम ने ऐसा रंग बदला कि लोगों को गर्मी से राहत मिली लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई। अचानक हुई बारिश और तेज हवाओं ने खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया, वहीं खलिहानों में रखी फसल भी भीग गई।
झंझावात की गति 40 किमी प्रति घंटा
सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहा और धूप-छांव का सिलसिला चलता रहा। उमस भरी गर्मी के बीच लोग बारिश की उम्मीद लगाए बैठे थे जो दोपहर होते-होते पूरी हो गई। जिले के कई हिस्सों में अचानक तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चलीं, जिससे हालात और बिगड़ गए। मौसम विभाग के मुताबिक हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा रही।
डेढ़ मिमी बारिश, गर्मी में चौथा स्थान
सतना-मैहर में डेढ़ मिलीमीटर वर्षा तो हुई ही। इस बीच यह जिला अधिकतम तापमान के मामले में चौथे स्थान पर रहा। मौसम विभाग द्वारा जारी शुक्रवार की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.6 डिसे दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम रहा। इसके बाद भी खजुराहो 40.4 डिसे, रतलाम 39.5 डिसे, नौगांव 39.2 डिसे के बाद सतना शुमार हो गया। जिले का न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस (डिसे) रहा। हवा में नमी बढ़ने से आर्द्रता 49/41 प्रतिशत तक पहुंच गई। सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 1.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
आगे क्या
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कहीं-कहीं हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें, खलिहानों में ढंककर रखें और मौसम के पूवार्नुमान पर नजर बनाए रखें।
अंचल में बरसात
कोटर : पहले हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई लेकिन कुछ ही देर में यह रिमझिम बारिश में बदल गई। तेज हवा के झोंकों के साथ हुई इस बारिश ने किसानों को संभलने का मौका भी नहीं दिया। खलिहानों में खुले में रखी गेहूं की फसल भीग गई जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने मौसम साफ समझकर फसल खुले में सुखाने के लिए रखी थी लेकिन अचानक बारिश ने पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।
बिरसिंहपुर: इलाकों में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे। यहां तेज हवा के कारण कई खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई। गिरने से दाने काले पड़ने और अंकुरित होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बाजार में दाम कम मिलते हैं। किसानों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह बना रहा, तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता है।
चिंतित हुआ अन्नदाता
जिले में अभी गेहूं की कटाई का काम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। बड़ी संख्या में खेतों में फसल अभी भी खड़ी है जबकि जहां कटाई हो चुकी है वहां फसल खलिहानों में पड़ी है। ऐसे में यह बारिश दोनों ही स्थितियों में नुकसानदेह साबित हो रही है। खड़ी फसल गिर रही है जबकि कटी फसल भीगकर खराब हो रही है। हालांकि, इस बदले मौसम से आम लोगों को राहत जरूर मिली है। पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी से लोग परेशान थे।


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