हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस आलेख में, हम शिक्षक दिवस के महत्व, डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों और एक शिक्षक की समाज निर्माण में भूमिका पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
By: Ajay Tiwari
Sep 02, 20253:57 PM
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शिक्षक दिवस, हर साल 5 सितंबर को मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन भारत के महान दार्शनिक, विद्वान और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के सम्मान में मनाया जाता है। एक बार जब उनके छात्रों ने उनका जन्मदिन भव्य रूप से मनाने की इच्छा व्यक्त की, तो उन्होंने कहा, "मेरा जन्मदिन मनाने की बजाय, यदि आप इस दिन को शिक्षकों के योगदान को समर्पित करें, तो मुझे अधिक खुशी होगी।" तभी से यह दिन शिक्षकों को सम्मान देने के लिए एक विशेष अवसर बन गया।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्वयं एक असाधारण शिक्षक थे। उनका मानना था कि एक शिक्षक का काम केवल सूचना देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को सही मूल्यों और नैतिकता के साथ एक बेहतर इंसान बनाना है। वे हमेशा कहते थे कि शिक्षा का अंतिम उद्देश्य ज्ञान, करुणा और मानवता का विकास करना है। उनका जीवन और शिक्षा के प्रति समर्पण आज भी शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए एक प्रेरणा है।
हमारे जीवन में शिक्षकों की भूमिका अतुलनीय होती है। वे सिर्फ हमें अक्षर ज्ञान नहीं देते, बल्कि हमें जीवन के हर मोड़ पर सही-गलत का अंतर समझाते हैं। वे हमें सपनों को पूरा करने का साहस देते हैं और चुनौतियों का सामना करने के लिए मजबूत बनाते हैं। एक शिक्षक एक कुम्हार की तरह होता है जो अपने छात्रों को सही आकार देता है, उनके चरित्र को गढ़ता है और उन्हें समाज के जिम्मेदार नागरिक बनाता है।
शिक्षक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमें उन सभी गुरुओं के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए, जिन्होंने हमारे जीवन को संवारा है। यह दिन एक मौका देता है कि हम अपने शिक्षकों का सम्मान करें, उनका आभार व्यक्त करें और उनके द्वारा दिए गए ज्ञान को अपने जीवन में उतारें।

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