सुप्रीम कोर्ट ने रिव्यू पिटीशन पर फैसला सुनाते हुए सेवा में कार्यरत 1.5 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य रखा है। हालांकि, कोर्ट ने परीक्षा उत्तीर्ण करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है। शिक्षक संगठनों ने इस फैसले का विरोध किया है।

नई दिल्ली/भोपाल: स्टार समाचार वेब
प्रदेश के डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों को अब हर हाल में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी ही होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर रिव्यू पिटीशन (समीक्षा याचिका) पर अहम फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया है कि बच्चों के बेहतर शैक्षिक विकास के लिए शिक्षकों का पात्रता परीक्षा पास होना बेहद जरूरी है। हालांकि, कोर्ट ने शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए परीक्षा पास करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने 'अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट' मामले में दायर समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में पात्रता परीक्षा के लिए तय 2 साल की अवधि में 1 साल की और वृद्धि कर दी है। यानी अब 1 सितंबर 2025 को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर, शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए कुल 3 साल का समय मिलेगा। कोर्ट ने इसके लिए नई अंतिम तिथि 31 अगस्त 2028 निर्धारित की है।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर शिक्षक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डीके सिंगोर ने कहा कि एसोसिएशन इस आदेश की गंभीर समीक्षा कर रहा है। उनका मानना है कि दशकों से सेवा दे रहे पुराने शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता लागू करना उनके सेवा अधिकारों के साथ सरासर अन्याय है।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने दो टूक कहा है कि उन्हें यह फैसला पूरी तरह स्वीकार नहीं है। शिक्षकों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था को व्यावहारिक बनाने के लिए मोर्चा इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका (Curative Petition) दायर करेगा। इसके साथ ही, आरटीई (RTE) एक्ट में जरूरी संशोधन कराने के लिए सड़क से लेकर संसद तक हर संभव प्रयास किया जाएगा और सभी उपलब्ध न्यायिक उपायों (Judicial Remedies) का इस्तेमाल किया जाएगा।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला केस पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विभिन्न मुस्लिम पक्षों द्वारा दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई की। मुस्लिम पक्ष के वकील हुजैफा अहमदी की याचिका को स्वीकार करते हुए पीठ ने निर्देश दिया कि एएसआई, बिना अदालत की मंजूरी के भोजशाला परिसर में ढांचागत बदलाव नहीं करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में सभी मंत्रियों से कहा कि वे विधानसभा सत्र के लिए पूरी तैयारी रखें। हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब दें, ताकि जनता तक यह संदेश जाए कि सरकार उनके हित में लगातार काम कर रही है।
मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव आज सुबह विधानसभा पहुंचे। उन्होंने यहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कैलाश जोशी जी की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस अवसर पर कहा-प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी की जयंती पर उन्हें सादर नमन करता हूं।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन का दौर खत्म होने के साथ ही चुनावी जंग दिलचस्प हो गई है। उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों से साफ हुआ है कि भाजपा-कांग्रेस, दोनों ही प्रमुख दलों के प्रत्याशी करोड़पति हैं, लेकिन दोनों पर लाखों का कर्ज भी है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में सरकारी सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को निजी सेंटर भेजे जाने के आरोप लगे हैं। मामले ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
रीवा में पुरी धाम की परंपरा अनुसार भगवान जगन्नाथ को दिव्य औषधि अर्पित की गई। उपचार पूर्ण होने के बाद 16 जुलाई को भगवान रथ यात्रा के माध्यम से नगर भ्रमण कर श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।
सतना के पोड़ी पतौरा-धवारी मार्ग की जर्जर हालत से पचास से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण परेशान हैं। बरसात में गड्ढों और कीचड़ के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि सड़क निर्माण की मांग वर्षों से अधूरी है।
कोठी क्षेत्र के रामपुरा गांव में लकवाग्रस्त बुजुर्ग महिला को खाट पर अस्पताल ले जाने का वीडियो वायरल हुआ। ग्रामीणों ने बदहाल सड़क को जिम्मेदार बताया, जबकि प्रशासन ने खबर को भ्रामक बताते हुए अपना पक्ष रखा।
सतना में पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक के चेक तकनीकी कारणों से क्लियर नहीं हो रहे हैं। भुगतान अटकने से खाताधारकों और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि विभाग से स्पष्ट जवाब अब तक नहीं मिला।
सतना में नर्मदा जल पहुंचाने की परियोजना को लेकर अक्टूबर-नवंबर 2026 की नई समयसीमा सामने आई है। वर्षों से मिलती तारीखों के बीच टनल निर्माण अंतिम चरण में है, लेकिन लोगों का भरोसा अभी भी अधूरा है।