खंडवा जिले में मंगलवार को एक प्रसूता ने 108 एंबुलेंस में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया।
मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले के ग्राम पिपरिया की 25 वर्षीय कीर्ति चंदेल को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के माध्यम से भोपाल एम्स भेजा गया। कीर्ति के माता-पिता खेती-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे बेटी की गंभीर बीमारी का महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं थे।
सतना-मैहर मार्ग पर भारी वाहनों के भीषण जाम में एंबुलेंस फंसने से एक गर्भवती महिला को समय पर इलाज नहीं मिल सका। इलाज में देरी के कारण गर्भ में पल रहे नवजात की मौत हो गई, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
मध्यप्रदेश का स्वास्थ विभाग एक बार फिर सुर्खियों में है। जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण गुना में एक मरीज की मौत हो गई। गुना में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। लेकिन अस्पताल प्रबंधन अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक एंबुलेंस पुलिया से नीचे गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा देर रात हुआ। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर सीतामऊ तहसील के ग्राम सेदरा माता के पास मरीज को घर छोड़कर वापस लौट रही एंबुलेंस नंबर एपी 39 यूजेड 5726 पुलिया से नीचे जा गिरी।
सतना जिला अस्पताल में देर रात हंगामा, रेफर मरीज को 108 एंबुलेंस न मिलने पर परिजनों ने जननी एक्सप्रेस के शीशे तोड़े और चालकों से मारपीट की। चालकों ने सुरक्षा की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज कराई।
सतना जिला अस्पताल में सक्रिय एंबुलेंस दलालों पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद एसडीएम, आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम ने अस्पताल के बाहर से ठेले, गुमटियां और निजी एंबुलेंस जब्त कीं। निजी एंबुलेंस दलालों पर एफआईआर दर्ज, पार्किंग ठेकेदार को चेतावनी दी गई।
अनूपपुर जिले के कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में न डॉक्टर हैं, न एंबुलेंस। ग्रामीण मरीजों को 100 किलोमीटर दूर शहडोल तक जाना पड़ता है। अस्पताल बना सिर्फ़ रेफर सेंटर।
पन्ना जिले में इंसानियत की मिसाल बनी एक घटना, जब एंबुलेंस न मिलने पर यात्री बस में ही गर्भवती महिला का प्रसव कराया गया। ड्राइवर सिद्दीक राइन और कंडक्टर आशीष पाल की सूझबूझ और तत्परता से मां और नवजात की जान बच गई। यह घटना साबित करती है कि मानवता आज भी जिंदा है।
सतना जिला अस्पताल परिसर में जाम के कारण एंबुलेंस फंस गई, जिससे विषाक्त पदार्थ खाने वाली गंभीर महिला मरीज को परिजनों ने गोद में उठाकर भर्ती कराया। कलेक्टर के निर्देशों के बावजूद यातायात व्यवस्था बदहाल बनी हुई है। अस्पताल की अव्यवस्था से आमजन में आक्रोश।






















