Indore News: इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाईवे पर सिमरोल के पास नर्मदा-क्षिप्रा लिंक प्रोजेक्ट की पाइपलाइन फटने से हड़कंप मच गया। बंदर के कारण ट्रिपिंग होने से बढ़ा बैकप्रेशर, कई फीट ऊपर उठा पानी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
सतना मेडिकल कॉलेज में पांच महीनों से जल संकट बना हुआ है। छात्रों के विरोध के बाद प्रबंधन ने टैंकर और मोटर से अस्थायी राहत दी, जबकि पाइपलाइन सुधार के लिए दस दिन का आश्वासन मिला है।
सतना के शासकीय मेडिकल कॉलेज में पाइपलाइन फटने से पानी सप्लाई बंद हो गई, जिससे 650 से अधिक छात्र, डॉक्टर और परिवार प्रभावित हुए, लिफ्ट बंद होने और परीक्षाओं से पहले संकट और गहराया है
सतना में जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान सांसद गणेश सिंह ने देरी पर नाराजगी जताई, 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण, शेष कार्य शीघ्र पूरा करने और पाइपलाइन समस्याओं पर कार्रवाई निर्देश
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में क्वेटा के पास गैस पाइपलाइन को बम से उड़ाने की घटना ने देश में ऊर्जा संकट को गहरा दिया है। जानें कैसे उग्रवादी संगठनों ने गैस बुनियादी ढांचे को एक रणनीतिक हथियार बना लिया है।
सतना शहर के कई इलाकों में इन दिनों गंदे पानी की आपूर्ति से लोग परेशान हैं। नगर निगम के अनुसार, इस समस्या की मुख्य वजह पेयजल व्यवस्था नहीं बल्कि शहर में चल रहे निर्माण और विकास कार्य हैं, जिनके चलते कई स्थानों पर पेयजल सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से एक और मौत के बाद हड़कंप। जानें 26 मौतों का पूरा सच, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति और प्रशासन द्वारा नई पाइपलाइन बिछाने के काम की लेटेस्ट अपडेट।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से 8 लोगों की मौत ने नगर निगम के दावों की पोल खोल दी है। जानिए कैसे अफसरों की लापरवाही ने अमृत को जहर बना दिया।
सतना-नागौद रोड पर लाखों रुपये के पाइप चोरी कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। राजस्थान के अलवर से गिरोह के सदस्य मिसरुद्दीन उर्फ मिसरू को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर 9 लाख रुपये मूल्य के 103 पाइप बरामद हुए। गिरोह के सात सदस्य अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
सतना जिले में जलजीवन मिशन योजना बदहाल है। मझगवां और बिरसिंहपुर-कोटर क्षेत्र के गांवों में पाइपलाइन तो बिछा दी गई, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं हो रही। कई ग्रामीण अब भी कुंए और तालाब पर निर्भर हैं। ठेकेदारों की लापरवाही से सड़कें खराब हुईं और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होकर बेकार पड़ी हैं। लाखों खर्च के बावजूद ग्रामीणों को पीने का स्वच्छ पानी नसीब नहीं हो रहा।






















