रीवा-मऊगंज में सड़क निर्माण घोटाले का खुलासा, Economic Offences Wing ने 44 अधिकारी-ठेकेदारों पर केस दर्ज किया, फर्जी इनवाइस से 18.50 करोड़ का भुगतान लेने का आरोप, जांच जारी
रीवा मेडिकल कॉलेज बैठक में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला भड़के, डीन पर भुगतान रोकने के आरोप। लंबित बिल और सफाई व्यवस्था पर जताई नाराजगी, सुधार के सख्त निर्देश दिए।
सतना जिले के 267 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को दो वर्षों से 4 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। नाराज सीएचओ ने जिला लेखा प्रबंधक कार्यालय का घेराव कर चेतावनी दी कि मार्च तक भुगतान नहीं हुआ तो ऑनलाइन कार्य बंद करेंगे।
प्रदेश में मनरेगा मजदूरी के 100 करोड़ से अधिक बकाया, विंध्य के जिलों में करोड़ों अटके, होली से पहले ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर।
सतना कृषि उपज मंडी में पार्ट पेमेंट पर अनाज बाहर जाने का मामला, भुगतान देरी और मंडी व्यवस्था पर उठे सवाल।
सतना जिले में धान उपार्जन के बीच परिवहन की धीमी गति चिंता का विषय बन गई है। 21 समितियों में परिवहन 30 से 50 फीसदी के बीच अटका है, जबकि 9 केंद्र 30 फीसदी से भी कम पर हैं। इससे किसानों के भुगतान, भंडारण व्यवस्था और मिलिंग चक्र पर सीधा असर पड़ रहा है।
आरबीआई की ताजा रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल लेनदेन बढ़ने से एटीएम की संख्या में गिरावट आई है। हालांकि, बैंकों की फिजिकल ब्रांच की संख्या 1.64 लाख के पार पहुँच गई है। जानें बैंकिंग सेक्टर के बदलते रुझान
मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 2 लाख 8 हजार 215 किसानों से 13 लाख 21 हजार 347 मीट्रिक टन धान की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जा चुकी है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल है।
वार्ड क्रमांक 5 में नाली निर्माण के दौरान भारी अनियमितताएं पकड़ में आने पर महापौर योगेश ताम्रकार ने मौके पर पहुँचकर गुणवत्ताहीन कार्य को तुरंत तोड़ने और नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए। ठेकेदार का भुगतान रोकते हुए चेतावनी दी गई कि निर्धारित मानकों से समझौता करने पर ब्लैकलिस्ट की कार्यवाही होगी।
सतना जिले की पोड़ी पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। कई हितग्राहियों के घर बने बिना पूरी राशि निकाल ली गई और 139 आवासों की मजदूरी भी असली श्रमिकों के बजाय अन्य खातों में भेजकर हड़प ली गई। चार सदस्यीय जांच दल ने 10 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूली योग्य पाई है। सचिव और सहायक सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी।






















