सतना के मझगवां क्षेत्र की आदिवासी बस्तियों में पेयजल संकट गंभीर हो गया है। दूषित पानी और सूखे हैंडपंपों से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम के सामने नाराजगी जताई, जबकि अधिकारियों ने स्थायी समाधान और जल संरक्षण कार्यों का भरोसा दिया।
सतना जिले के मझगवां में कुपोषण से मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। जांच में लापरवाही, एनीमिया और सुविधाओं की कमी सामने आई, जिससे जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज हुई।
सतना के मझगवां क्षेत्र में चार माह के जुड़वा बच्चे गंभीर कुपोषण का शिकार मिले। इलाज में देरी और सरकारी योजनाओं की कमी पर सवाल उठे, बच्चों को जिला अस्पताल के पीकू वार्ड में भर्ती किया गया।
सतना के मझगवां वनक्षेत्र स्थित देवलहा बीट में भीषण आग भड़क उठी। तेज लपटों में दो वनकर्मी झुलस गए। लेंटाना झाड़ियों से आग तेजी से फैली, कई हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ।
सतना के मझगवां में मासूम की मौत ने कुपोषण की भयावह स्थिति उजागर कर दी है। प्रशासन और विभागीय दावों के बीच सच्चाई की जांच जारी है, जबकि क्षेत्र में हजारों बच्चे कुपोषण से जूझ रहे हैं।
मझगवां और सरभंगा जंगलों में बाघों की मजबूत मौजूदगी के बीच कंजर्वेशन रिजर्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सरभंगा में बाघ होने के बावजूद प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।
सतना के कोठी–मझगवां क्षेत्र में एक नीलगाय ने 11 वनकर्मियों की रेस्क्यू टीम को पूरे 8 घंटे तक चुनौती दी। खेतों और गांवों के बीच दौड़ती नीलगाय से किसान सहमे रहे, एक किसान घायल हुआ, अंततः शाम को उसे सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा गया।
सतना के मझगवां वनपरिक्षेत्र में बाघ संरक्षण को नई तकनीकी ताकत मिलने जा रही है। मार्च 2026 से पूरे रेंज में 200 अत्याधुनिक ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे बाघों की गतिविधियों, सुरक्षा और अवैध शिकार पर प्रभावी निगरानी संभव होगी।
सतना जिले में कुपोषण का संकट फिर उजागर हुआ है। नागौद क्षेत्र के पनास आंगनवाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य जांच के दौरान 7 बच्चे अति गंभीर कुपोषित पाए गए। चार माह पहले मझगवां क्षेत्र में मासूम रजा हुसैन की मौत के बाद भी जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से लेकर स्वास्थ्य अमले तक की लापरवाही जारी है। आंकड़े बताते हैं कि सतना के 125 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में कुपोषण का स्तर सरकारी मानकों से कई गुना अधिक है। योजनाओं और बजट के बावजूद नतीजे नहीं दिख रहे, जिम्मेदार अधिकारी अब भी मौन हैं।
सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का हाल चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र के मझगवां में बदहाल है। लाखों की लागत से बनी पाइपलाइन और नल कनेक्शन बेकार पड़े हैं। वार्डों में दो साल से पानी सप्लाई बंद है, मोटर पंप खराब पड़े हैं और शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। ग्रामीण आक्रोशित हैं और आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।






















