सतना में बिजली कंपनी के सतर्कता अभियान में 94 उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़े गए। लाखों की वसूली की गई और बकायादारों को 15 दिन का समय दिया गया, अन्यथा न्यायालयीन कार्रवाई होगी।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्मार्ट मीटरों के खिलाफ उपभोक्ताओं का बड़ा प्रदर्शन। ₹2 लाख तक के बिलों पर भड़के लोगों ने निजीकरण रद्द करने, पुराने मीटर लगाने और 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने की मांग रखी। जानें विरोध के मुख्य कारण और 11 सूत्रीय मांगें।
रीवा नगर निगम ने ऊर्जा ऑडिट की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शहर की स्ट्रीट लाइटों को ऑटोमैटिक ऑन-ऑफ करने का सिस्टम शुरू किया है। स्मार्ट मीटरिंग और सीसीएमएस पैनल से बिजली की खपत में करीब 30% कमी आने की संभावना है। यह पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश के अन्य 413 नगरीय निकायों के लिए भी मॉडल बनेगा।
सतना में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि से उपभोक्ता परेशान हैं। कई गरीब परिवारों का बिल 100 रुपए से बढ़कर 4000 रुपए तक पहुंच गया है। उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग का घेराव कर जांच और सुधार की मांग की।
मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में स्मार्ट मीटर लगाए जाने से मीटर रीडरों की नौकरी खतरे में आ गई है। सितंबर में 21 जिलों के 1,000 से ज्यादा और रीवा जिले के 150 से अधिक मीटर रीडरों को बाहर करने की तैयारी है। आदेश जबलपुर से जारी, कर्मचारियों में हड़कंप।
सतना में बिजली विभाग ने अभियान चलाकर बिजली चोरी पर बड़ी कार्रवाई की। 27 घरों की जांच में 15 उपभोक्ताओं पर प्रकरण दर्ज किए गए और 12 स्मार्ट मीटर निकाले गए। विभाग ने चेतावनी दी है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, 136 और 139 के तहत तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
रीवा में बिजली विभाग के बिलिंग घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। महाराजा पुष्पराज सिंह के नाम से जारी दो बिजली कनेक्शनों में लगातार 6 महीने तक जीरो रीडिंग दर्ज की गई और सातवें महीने भी शून्य बिल भेजा गया। वहीं आम उपभोक्ताओं पर औसत बिलिंग, एनजी चार्ज और स्मार्ट मीटर के बहाने भारी वसूली की जा रही है। इस मामले में जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं और कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
सतना शहर संभाग में स्मार्ट मीटर से अधिक बिलिंग की शिकायतों को दूर करने के लिए बिजली विभाग ने विशेष टीम बनाई है। ज्यादा बिल आने वाले उपभोक्ताओं के घर स्मार्ट मीटर के साथ एक माह के लिए ‘चेक मीटर’ लगाया जाएगा, ताकि दोनों रीडिंग का मिलान कर सटीक बिलिंग सुनिश्चित की जा सके। उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए नोडल अधिकारी और फील्ड टीम तैनात की गई है।
पत्रकार धीरेंद्र सिंह राठौर के ब्लॉग पावर गैलरी में पढ़िए — कैसे एक नेता जी दो चुनाव हारने के बाद बिजली के मीटरों की चिंगारी से फिर राजनीति में कूद पड़े हैं। साथ ही जानिए कि कैसे सरकारी कर्मचारी ट्रांसफर के बाद भी अधर में लटके हैं, अफसरशाही ने जनप्रतिनिधियों को बेबस कर दिया है और सरपंच साहब ने पंचायत भवन को दुकान में बदल डाला है।
सतना संभाग में बिजली विभाग की ‘कुर्सी’ को लेकर मची होड़, नए अफसर के आने से विभाग में लगा ‘करंट’। स्मार्ट मीटर से लेकर वसूली तक की नई योजनाएं, और गर्मी में सोए अधिकारी अब बारिश में ‘चार्ज’ होकर आम जनता पर टूटे। पढ़ें बृजेश पाण्डेय की तीखी और चुटीली रिपोर्ट।






















