मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में दीनारपुर जमीनी केस की सुनवाई के दौरान जिम्मेदार अफसरों की देरी पर सख्त रुख अपनाया। न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया ने फटकार लगाते हुए दो टूक शब्दों में कहा- अफसर भले ही देर से जागे हों, लेकिन अब नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
मध्यप्रदेश में अफसरशाही हावी है। जनता तो दूर, जिम्मेदार अफसर कोर्ट के आदेश तक की अनदेखी पर उतारू हैं। लेकिन अब अदालत के आदेश की अनदेखी अफसरों पर भारी पड़ी। कोर्ट ने सजा को तीन सप्ताह के लिए स्थगित रखा है ताकि आदेश का पालन किया जा सके।
भारतीय सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सेवा देने वाली महिला अधिकारियों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सेना में महिलाओं के खिलाफ होने वाले प्रणालीगत भेदभाव को स्वीकार करते हुए अपनी विशेष संवैधानिक शक्तियों (अनुच्छेद 142) का इस्तेमाल किया।
सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर मंगलवार को एक बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने फैसले में कहा कि जो व्यक्ति हिंदू धर्म, सिख धर्म या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को अपनाता है तो उसे अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता।
मध्य प्रदेश में ओबीसी (OBC) आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस संवेदनशील विषय पर एक अहम आदेश जारी किया।
मध्यप्रदेश में बम ब्लास्ट की धमकी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब जिला न्यायालय सतना की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। मेल में दावा किया गया है कि कोर्ट और जज के दफ्तरों में 15 जहरीली गैस के बम लगाए गए हैं।
आखिरकार कांग्रेस के श्योपुर विधायक की विधायकी फौरीतौर पर बच ही गई। सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया है। लेकिन कुछ शर्तें भी लगा दी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कांग्रेस ने राहत की सांस ली है।
बिहार में राज्यसभा चुनाव के बाद मंची सियासी उठापटक के बीच पटना हाईकोर्ट ने आज यानी गुरुवार को जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्या मामले में जमानत दे दी है। अनंत सिंह पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए इस हत्याकांड के आरोप में पटना की बेऊर जेल में बंद थे।
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के निर्वाचन को लेकर आज यानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। दोपहर तक इस मामले में सुप्रीम कोर्ट निर्णय दे सकता है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने प्रदेश की अदालतों में सुरक्षा चूक और जजों की सुरक्षा पर सरकार से 31 मार्च तक रिपोर्ट मांगी है। जानें रजिस्ट्रार की रिपोर्ट के चौंकाने वाले तथ्य।





















