श्रावण मास के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के अद्भुत संयोग पर मध्य प्रदेश सहित देशभर के प्रमुख शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक नगरी उज्जैन में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बना, जहां अब तक भगवान महाकाल के 2 लाख और वर्ष में केवल एक बार खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर में 4 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए।
भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर देशभर के शिवालयों में आस्था और भक्ति का अद्भुत जनसैलाब उमड़ पड़ा। रिमझिम और तेज बारिश के बावजूद शिवभक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। इस बार सावन सोमवार के साथ प्रदोष व्रत का विशेष संयोग बनने से शिव आराधना का महत्व और बढ़ गया।
श्रावण मास के पहले सोमवार पर पूरा देश शिवभक्ति के अलौकिक रंग में रंगा नजर आ रहा है। ब्रह्ममुहूर्त से ही काशी, प्रयागराज, और झारखंड के देवघर समेत देशभर के शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के गगनभेदी जयकारों से मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठे।
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद प्रबंधन और व्यवस्थाओं को लेकर 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। शाम 4 बजे मणिराम दास छावनी में आयोजित होने वाली इस बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
ओडिशा के तटीय शहर पुरी में गुरुवार से शुरू हो रही वार्षिक रथ यात्रा की तैयारी पूरी हो चुकी हैं। भगवान जगन्नाथ और उनके भाई-बहनों के तीन शानदार रथ कड़ी सुरक्षा के बीच ग्रैंड रोड पर निकलने को तैयार हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों की 15 कंपनियों समेत लगभग 14,000 जवानों को तैनात किया गया है।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के प्रकरण ने देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर कर रख दिया। चोरी की घटना के बाद देशभर में बड़े मंदिर प्रबंधन ने सबक लेते हुए व्यवस्थाओं में बदलाव की शुरुआत कर दी है।
अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले पवित्र हिम शिवलिंग तेजी से पिघल रहे हैं। ऊंचाई अब घटकर एक फीट रह गई है। लाइव आरती में भी घटे हुए हिम शिवलिंग साफ दिख रहे हैं। मई में जारी तस्वीरों में इसकी ऊंचाई सात फीट थी, जबकि प्रथम पूजा के समय यह पांच फीट से अधिक था।
बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा का आज शुभारंभ हो गया। बालटाल और पहलगाम पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं का जत्था शुक्रवार को सुबह पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ। ये श्रद्धालु दोपहर बाद पवित्र गुफा स्थल पहुंच जाएंगे और दर्शनों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। श्रद्धालुओं के पहले दर्शन के साथ ही वार्षिक यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है।
अधिक मास में तीन दशक के बाद आए दुर्लभ संयोग वाली सोमवती अमावस्या पर धर्मनगरी ओंकारेश्वर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। आधी रात से सभी घाटों पर हर-हर नर्मदे की गूंज और मां नर्मदा के जयकरे सुनाई दे रहे थे। लाखों लोगों ने पवित्र नर्मदा नदी में स्नान कर भगवान ओंकारेश्वर एवं भगवान ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थिति मां वाग्देवी मंदिर भोजशाला परिसर आज आस्था, उत्साह और सनातन चेतना के विराट संगम का साक्षी बना। पूरा परिसर जय मां वाग्देवी... जय श्रीराम... और वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा।






















