सीबीएसई 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर! इस साल सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2027 की डेटशीट अभी तक नहीं आई है। पिछले साल जहां सितंबर में ही शेड्यूल जारी हो गया था। वहीं इस बार अक्टूबर आखिरी तक भी कोई आधिकारिक अपडेट न होने से छात्रों में असमंजस की स्थिति है।
भारी विरोध और पब्लिशर्स के दबाव के बाद मेटा ने अपनी कमर्शियल शर्तों से एआई ट्रेनिंग के लिए मुफ्त कंटेंट इस्तेमाल करने का विवादित प्रावधान हटा लिया है।
10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने Meta पर अकाउंट बैन करने और कार्यकर्ताओं को परेशान करने का आरोप लगाया है।
इंस्टाग्राम और फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी दो दिन पहले भारत सरकार से कंपनी के सीईओ ने गड़बड़ियों पर माफी मांगी और अब कंपनी को अमेरिकी कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के मामले में 567 मिलियन डॉलर (करीब 5,390 करोड़ रुपए) का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है।
मेटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पोस्ट रिमूव होने पर सफाई दी है। पीएम का एक पोस्ट गलती से ब्लॉक हो गया था। इसके लिए हम क्षमा चाहते हैं। मेटा के प्रवक्ता ने कहा है कि वह कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और अब उसे बहाल कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने बताया है कि यह एक टेक्निकल ग्लिच था।
इंस्टाग्राम पर बाल शोषण से जुड़ी सामग्री के विज्ञापन सामने आने के बाद केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेटा को तलब करने का निर्देश दिया है। जानें क्या है पूरा मामला और सरकार का रुख।
सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन और पुनर्सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि बोर्ड जल्द ही बाकी बचे परिणाम जारी करेगा। यहाँ जानें लेटेस्ट अपडेट
Meta Layoffs: मेटा ने वर्क फ्रॉम होम का निर्देश देकर 8000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। जानिए क्यों मार्क जुकरबर्ग एआई (AI) के लिए कर रहे हैं इतनी बड़ी छंटनी और क्या है टेक इंडस्ट्री का हाल।
चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए मेटा (Meta) द्वारा AI स्टार्टअप 'मैनस' (Manus) के 2 अरब डॉलर के अधिग्रहण को रोक दिया है। जानें इस फैसले के पीछे के मुख्य कारण और इसके वैश्विक प्रभाव।
सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप और मेटा को सख्त चेतावनी देते हुए दो टूक शब्दों में कहा- डेटा शेयरिंग के नाम पर देश की जनता की निजता के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। यह टिप्पणी तब आई जब कोर्ट व्हाट्सएप की टेक इट आर लीव इट प्राइवेसी पॉलिसी पर लगी पेनल्टी के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रहा था।






















