दिल्ली लाल किला ब्लास्ट मामले की चार्जशीट में NIA ने बड़ा खुलासा किया है। धमाके में VBIED कार का इस्तेमाल हुआ था और DNA जांच से कार के अंदर उमर उन नबी की मौजूदगी की पुष्टि हुई है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2013 झीरम घाटी नक्सली हमले में एनआईए की विशेष अदालत ने 13 साल बाद 10 आरोपियों को दोषी ठहराया है। जानिए इस ऐतिहासिक फैसले और मामले से जुड़ी पूरी जानकारी।
कांग्रेस नेता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की संस्मरण किताब को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। हार्पर कॉलिन्स इंडिया ने शुक्रवार को ऐलान किया कि वह सोनिया गांधी की किताब 'Belonging: A Journey of Love' को भारत में प्रकाशित करेगी।
दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर तीखा हमला बोला है।
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट में कट पेस्ट के जरिए गलत नाम दर्ज होने के केस को गंभीरता से लिया है। न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगलपीठ ने भोपाल स्थित राज्य फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की पिछले पांच वर्षों में तैयार डीएनए और अन्य वैज्ञानिक रिपोर्टों में से 20 प्रतिशत रिपोर्टों की रैंडम जांच कराने के आदेश दिए हैं।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा बृजभूषण शरण सिंह के बरी किए जाने के बाद पहलवान बजरंग पूनिया ने निराशा जताई है। जानिए इस मामले से जुड़ी पूरी जानकारी और पहलवानों के अगले कदमों के बारे में।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल ईंधन का पुरजोर समर्थन करते हुए इस पर लगे निजी हितों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में 100 फीसदी पेट्रोल का विकल्प मौजूद है, लेकिन इसके लिए उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी होगी।
जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और थलपति विजय समेत 52 नेताओं को आमंत्रित किया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 1996 के श्रीनगर हिंसा मामले में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के 6 नेताओं पर चार्जशीट दाखिल की है।
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में करारी हार ने तृणमूल कांग्रेस को खत्म करने की कगार पर पहुंचा दिया है। ममता बनर्जी के 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने अपना अलग गुट तैयार कर लिया और उसके बाद दिल्ली में भी करीब 20 सांसद टीएमसी से अलग हो गए।






















