संसद का नया सत्र जल्द बुलाए जाने के संकेतों ने देश के राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान के बाद विपक्ष में बेचैनी साफ देखी जा रही है। रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं से महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द लागू करने का जो वादा किया था, सरकार उसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर एससी-एसटी आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' लागू करने की मांग का विरोध किया है। जानें इसके मुख्य कारण और कानूनी तर्क।
मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण विवाद गहराया। विधानसभा सत्र के पहले दिन ओबीसी महासभा का उग्र प्रदर्शन। जानें क्या है 27% आरक्षण और 13% होल्ड का पूरा मामला।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण के लंबित मामले की सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने स्थगन की मांग की, जबकि सपाक्स ने पदोन्नति पर रोक लगाने और जल्द फैसले की अपील की है।
मध्यप्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण विवाद का असर लाखों शासकीय कर्मचारियों-अफसरों पर पड़ रहा है। नियमित पदोन्नति वर्षों से अटकी होने के कारण विभागों में रिक्तियां, प्रशासनिक कामकाज और नई भर्तियां भी प्रभावित हैं। सामान्य और आरक्षित वर्ग, दोनों के कर्मचारी अब सुनवाई पर निगाहें टिकाए हुए हैं।
राज्यसभा में एनडीए की बढ़ती ताकत और आगामी सत्र में संविधान संशोधन की संभावनाओं का विश्लेषण। जानें कैसे 141 सीटों के साथ एनडीए दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुँचा।
मध्यप्रदेश सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार की इस पहल से लाखों शिक्षकों को लाभ मिलेगा। दरअसल, अब स्कूल शिक्षा विभाग में काम कर रहे संविदा शिक्षकों को सरकारी भर्तियों में 50 फीसदी आरक्षण मिलेगा।
देशभर में महिला सशक्तीकरण का मॉडल बन चुके मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकार ऐतिहासिक निर्णय लेने जा रही है। दरअसल, नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक भले ही लोकसभा में गिर गया, पर देशभर में महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस प्रयास शुरू हो गए हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार को प्रस्तावित है। सदन में पहली बार संसद से पारित नहीं होने वाले बिल पर चर्चा होगी। इस विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर विस्तृत चर्चा होगी। वहीं, कांग्रेस 2023 में पारित महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सदन में संकल्प पत्र लाने की तैयारी में है।
लोकसभा में महिला सशक्तिकरण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर दिल्ली में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने पत्रकारवार्ता कर केंद्र सरकार पर हमला बोला। वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय बताया है।






















