दोहा में अमेरिका-ईरान के बीच संभावित वार्ता, होर्मुज स्ट्रेट का बदलता प्रबंधन, ओमान की भूमिका और ईरान-इजराइल तनाव से जुड़ी ताजा खबरें यहाँ विस्तार से जानें।
अमेरिका और ईरान ने सैन्य हमलों को रोकने और दोहा में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विवाद पर बातचीत करने का फैसला किया है।
पिछले हफ्ते के आखिरी दिन की सुस्ती के बाद, आज सुबह शेयर बाजार के निवेशकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है। सेंसेक्स और निफ्टी ने जोरदार वापसी करते हुए हरे निशान में शानदार शुरुआत की है।बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स 357 अंक उछलकर 77160 के लेवल पर खुला. वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 793 अंक चढ़कर 24106 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की।
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर चल रही कूटनीतिक कवायद के बीच व्हाइट हाउस में हुई एक अहम बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। ट्रंप सिर्फ ऐसे समझौते को मंजूरी देंगे जो उनकी तय की गई रेड लाइन्स को पूरा करे और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर प्रभावी रोक लगाए।
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच ईरान के एक नेता ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी लागू करने जा रहा है। अमेरिकी के मुताबिक, भारतीय समयानुसार आज यानी सोमवार को शाम 7:30 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों को रोक दिया जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि नाकेबंदी का मकसद ईरान की तेल बिक्री रोकना है।
पाकिस्तान की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया है। दरअसल, ईरान और अमेरिका के बीच शांति को लेकर चल रही बातचीत बेनतीजा रही। यह 21 घंटे से ज्यादा समय तक चली। दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और न्यूक्लियर प्रोग्राम पर पेंच फंस गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने आज यानी शनिवार को कहा-वॉशिंगटन, ईरान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने की इजाजत नहीं देगा। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के रवाना होने से पहले ट्रंप ने इस क्षेत्र में किसी भी तरह के ट्रांजिट शुल्क की अनुमति देने की संभावना को खारिज कर दिया।
US-Iran Peace Talks in Islamabad: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंचे। क्या ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य विवाद के बीच युद्धविराम सफल होगा?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से 15 दिनों में चौथी बार बात की। जानें होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों और पश्चिम एशिया संकट पर क्या हुई चर्चा।






















