मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्य छटा देखने को मिली। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम में जहां श्रीकृष्ण ने शिक्षा ग्रहण की थी, वहां भगवान का विशेष माखन-मिश्री से अभिषेक किया गया।
सावन के चौथे और अंतिम सोमवार पर देशभर के प्रसिद्ध ज्योतिलिंर्गों और प्रमुख शिव मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भस्म आरती से लेकर देर रात से ही उज्जैन के महाकालेश्वर, काशी विश्वनाथ, ओंकारेश्वर और बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही।
श्रावण मास के तीसरे सोमवार और नागपंचमी के अद्भुत संयोग पर मध्य प्रदेश सहित देशभर के प्रमुख शिवालयों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक नगरी उज्जैन में श्रद्धालुओं का नया रिकॉर्ड बना, जहां अब तक भगवान महाकाल के 2 लाख और वर्ष में केवल एक बार खुलने वाले भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर में 4 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए।
श्रावण मास के पहले सोमवार पर पूरा देश शिवभक्ति के अलौकिक रंग में रंगा नजर आ रहा है। ब्रह्ममुहूर्त से ही काशी, प्रयागराज, और झारखंड के देवघर समेत देशभर के शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के गगनभेदी जयकारों से मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो उठे।
बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा का आज शुभारंभ हो गया। बालटाल और पहलगाम पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं का जत्था शुक्रवार को सुबह पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ। ये श्रद्धालु दोपहर बाद पवित्र गुफा स्थल पहुंच जाएंगे और दर्शनों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। श्रद्धालुओं के पहले दर्शन के साथ ही वार्षिक यात्रा का भी शुभारंभ हो गया है।


















