रीवा के जिला आबकारी अधिकारी अनिल जैन ने एफआईआर की जानकारी छिपाकर हाईकोर्ट से स्थगन लिया था। शासन की रिट पर कोर्ट ने आदेश निरस्त कर ट्रांसफर बहाल किया, आगे की कार्रवाई पर नजर।
मध्यप्रदेश के सीधी जिले में शुक्रवार सुबह हाई स्कूल के प्राचार्य अभिमन्यु सिंह के ठिकानों पर ईओडब्ल्यू की टीम ने छापा मारा। लगभग 50 सदस्यीय ईओडब्ल्यू टीम ने एक साथ तीन स्थानों, अमहा स्थित ऊंची हवेली, पुश्तैनी घर ग्राम मड़वास और कुसमी क्षेत्र में स्थित संपत्तियों की जांच के लिए छापामार कार्रवाई शुरू की।
नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने एक नई एफआईआर दर्ज की है, जिसमें 6 अन्य लोगों और 3 कंपनियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह एफआईआर ईडी की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल कारोबारी दिलीप गुप्ता के ठिकानों पर ईओडब्ल्यू ने छापामार कार्रवाई की। इससे शहर में हड़कंप मच गया। दरअसल, यह कार्रवाई 35.37 करोड़ की निवेश धोखाधड़ी के मामले में की गई है।
मध्यप्रदेश में छापा मार कार्रवाई का सिलसिला जारी है। आए दिन भ्रष्टाचार के बड़े-बड़े चेहरे सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के नामी अस्पताल में ईओडब्लयू की टीम ने दबिश दी। इससे जिले के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। दरअसल, जबलपुर में ईओडब्लयू की टीम ने गुरुवार को दोपहर जिला अस्पताल में छापेमारी की।
मुंबई पुलिस की ईओडब्ल्यू ने 60 करोड़ के फ्रॉड केस में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी का बयान दर्ज किया। मुंबई पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिल्पा शेट्टी से लगभग पांच घंटे पूछताछ की गई और उनका बयान दर्ज किया गया। यह पूछताछ शिल्पा के घर पर की गई।
रीवा में करीब 200 करोड़ रुपए का भू-अर्जन घोटाला सामने आया है। आरोप है कि कलेक्टर और एसडीएम समेत भू-अर्जन अधिकारियों ने प्राइवेट बैंकों में डमी खाते खोलकर किसानों की राशि का दुरुपयोग किया। मामला अब ईओडब्ल्यू के पास पहुंचा।
सिंगरौली में कर सलाहकार और सिंगरौली ट्रेडर्स के 7 ठिकानों पर जीएसटी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने छापा मारा। जांच में कई बोगस फर्म और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला सामने आया। कार्रवाई सतना, रीवा और सिंगरौली टीमों ने मिलकर की। बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है।
सतना नगर निगम में चौराहों के सौंदर्यीकरण के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने दस्तावेजों का सत्यापन कर भ्रष्टाचार की जांच तेज कर दी है। अब तक करीब 25 लाख की गड़बड़ी पकड़ी गई है और 10 लोगों पर धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज हुआ है।
ईओडब्ल्यू ने भोपाल भोज मुक्त विश्वविद्यालय के तत्कालीन निदेशक एवं प्रभारी कुलसचिव प्रवीण जैन और अन्य अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन पर विवि में 66 कर्मचारियों को नियुविरुद्ध नियुक्ति और नियमितीकरण करने के आरोप है। ईओडब्ल्यू को शिकायतकर्ता सुधाकर सिंह राजपूत ने 25 फरवरी 2020 को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।






















