सतना और मैहर में आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में 4260 सीटों पर 6592 आवेदन आए। पहले चरण में 2738 बच्चे बाहर हो गए, जिससे शिक्षा के अधिकार की पहुंच और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
आरटीई एडमिशन 2026-27 में आवेदन तेज लेकिन दस्तावेज सत्यापन धीमा, हजारों आवेदन अधर में। बिना वेरिफिकेशन फार्म निरस्त होंगे, शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को समय पर सत्यापन कराने की सख्त चेतावनी दी है।
CLAT 2026 परीक्षा 7 दिसंबर को दोपहर 2 से 4 बजे तक देशभर के 139 सेंटरों पर पेन-पेपर मोड में आयोजित होगी। एडमिट कार्ड जारी हो चुका है। यहां जानें डाउनलोड प्रक्रिया, एग्जाम पैटर्न, मार्किंग स्कीम और आखिरी दिनों की तैयारी टिप्स।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने MP के 209 कॉलेजों में MBA की विशेष प्रवेश प्रक्रिया रोकी। 57,904 MBA सीटों में से 36,993 प्रवेश हुए, जबकि फार्मेसी में 20,000 से अधिक सीटें खाली हैं। जानें CLC काउंसलिंग और प्रवेश की अंतिम तिथियाँ।
रीवा जिले के सरकारी कॉलेजों में इस बार एडमिशन प्रक्रिया बुरी तरह फ्लॉप रही। 18 कॉलेजों में कुल 27,445 सीटों में से 10,142 सीटें खाली रह गईं। खासकर बैकुंठपुर और संस्कृत कॉलेजों की हालत बेहद खराब है। बैकुंठपुर कॉलेज में 1260 सीटों में से केवल 39 पर ही एडमिशन हुआ। कई नामी कॉलेज भी सीटें नहीं भर पाए, जिससे उच्च शिक्षा की गिरती मांग पर सवाल उठ रहे हैं।
जानिए मध्य प्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में लाखों सीटें क्यों खाली रह रही हैं। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया की जटिलता और तकनीकी समस्याओं के कारण छात्रों को हो रही परेशानी।
रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस एडमिशन फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। एक छात्रा ने नीट यूजी 2025 रिजल्ट में नंबर हेरफेर कर प्रवेश लेने की कोशिश की। ऑनलाइन अलॉटमेंट में मामला पकड़ा गया, लेकिन छात्रा फरार हो गई। कॉलेज प्रबंधन ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की। कर्मचारियों की संलिप्तता और मामले को दबाने के आरोप लग रहे हैं।
पीएमश्री मॉडल साइंस कॉलेज रीवा अब छात्रों की पहली पसंद बन चुका है। पहले जहां सीमित कोर्स और सुविधाएं थीं, वहीं अब हर विषय उपलब्ध है। एडमिशन संख्या चार गुना बढ़ गई है, एआई और फिनटेक जैसे डिप्लोमा कोर्स आईआईटी दिल्ली से जुड़े हैं, सभी विषयों में रिसर्च शुरू हो चुकी है और टॉप क्लास सुविधाओं के साथ यह कॉलेज पूरे प्रदेश में अलग पहचान बना रहा है।
इस साल इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश की दौड़ में शहडोल का यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और रीवा का जीईसी सबसे आगे रहे। दोनों कॉलेजों की सीटें शत-प्रतिशत भरीं, जबकि भोपाल, इंदौर और जबलपुर के नामी संस्थानों को सीटें भरने में मशक्कत करनी पड़ी। कम्प्यूटर साइंस छात्रों की पहली पसंद बनी, फिर सिविल की सीटें भरीं। रीवा और शहडोल में हुई इस सफलता ने मप्र के शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान बनाई।
मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) NEET UG-2025 के पहले राउंड का अलॉटमेंट रिजल्ट 9 अगस्त को जारी करेगी। जानें रिजल्ट चेक करने का तरीका और दाखिले से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें।






















