पश्चिम मध्य रेलवे ने सतना-मैहर सहित सभी आरक्षण केंद्रों पर नई तत्काल टोकन व्यवस्था लागू की। प्राथमिकता, पहचान पत्र और नॉन-ट्रांसफरेबल टोकन नियमों से टिकट बुकिंग अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और दलालमुक्त बनाने का दावा।
रेलवे ने 1 अगस्त से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। स्वयं उपस्थित यात्रियों को एजेंटों से पहले प्राथमिकता मिलेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और दलालों पर अंकुश लगेगा।
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सतना जिले में खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था सुस्त साबित हो रही है। टोकन मिलने के बाद भी 1300 से ज्यादा किसान खाद के लिए लंबी कतारों में इंतजार को मजबूर हैं।
सतना जिले में खाद संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार 7 केंद्रों से 3640 किसानों को 591.86 मीट्रिक टन खाद का वितरण हुआ, लेकिन 9268 किसान अब भी टोकन के बावजूद खाद से वंचित हैं। नाराज किसानों ने कृषि यांत्रिकी कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन कर सतना-पन्ना मार्ग पर 45 मिनट तक जाम लगाया।
सतना जिले में खाद संकट गहराने से किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। टोकन के बावजूद यूरिया नहीं मिलने पर किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रशासन ने पुराने टोकनों का वितरण पूरा होने तक नए टोकन रोकने का फैसला लिया। खून से लिखी चिट्ठी और धरना-प्रदर्शन की तैयारी ने संकट को और गरमा दिया है।
रीवा जिले की करहिया मंडी में खाद वितरण के दौरान हालात बेकाबू हो गए। टोकन वितरण में धांधली के आरोप लगाते हुए किसानों ने कर्मचारियों को कमरे में बंद कर लिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर किसानों को तितर-बितर किया और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हजारों की संख्या में किसान खाद के लिए लाइन में खड़े थे।
सतना में कृषि यांत्रिकी कार्यालय में खाद के टोकन वितरण के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली। करीब एक हजार से अधिक टोकन बांटे जाने के बावजूद कई किसान खाली हाथ लौट गए। महिलाएं रातभर जागरण के बाद भी निराश दिखीं। भीड़ को संभालने में पुलिस व प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सतना जिले में खाद संकट गहराया, किसान पांच दिनों से टोकन के लिए भटक रहे हैं। टोकन वितरण में अव्यवस्था, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत। नाराज किसानों ने लगाया जाम, प्रशासन के दावों पर उठे सवाल। अमरपाटन और रामनगर में भी किल्लत बरकरार।
सतना और मैहर में खाद की किल्लत ने किसानों को परेशान कर दिया है। परसवाही में करीब एक हजार किसानों ने नेशनल हाईवे-30 जाम कर दिया। प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करते हुए सुबह 7 से 11 बजे तक टोकन और उसके बाद खाद वितरण की घोषणा की है। जिले में 1752 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध होने का दावा किया गया है, लेकिन किसानों को समय पर खाद न मिलने से आक्रोश बढ़ रहा है।






















