श्रीलंका में चक्रवात दितवाह ने भारी तबाही मचाई है, जिसके चलते वहां के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। अब तक कम से कम 334 लोगों की मौत हो चुकी है और 370 लोग लापता हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिला कैंडी है, जहां 88 मौतें और 150 लोग लापता हैं।
अटलांटिक महासागर में आए तूफान ने कैरिबियन द्वीप पर जमकर तबाही मचाई है। इसी बीच एक और बुरी खबर सामने आ रही है। तूफान से प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने वाला प्लेन अचानक क्रैश हो गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
हिमाचल और उत्तराखंड में देर रात और तड़के आपदा काल बनकर टूट रही है। अतिवृष्टि से जानमाल को भारी नुकसान हो रहा है। रात के अंधेरे में घटना होने पर लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिल पाता है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के थाच गांव में गुरुवार देर रात बादल फटा।
उत्तराखंड के चमोली में नगर पंचायत नंदानगर के वार्ड कुन्तरि लगाफाली में बादल फटने के कारण मलबा आने से कई भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। साथ ही दस लोग लापता हैं और दो को बचा लिया गया है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है। साथ ही धुर्मा गांव में भी भारी वर्षा के कारण मकानों को नुकसान पहुंचा है।
देशभर में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। कई राज्यों में लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं शासन-प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे नजर आ रहे हैं। पिछले 24 घंटों में बारिश ने देश के कई राज्यों में तबाही मचाई है। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में देशभर में 11 लोगों की मौत हुई है।
सूबे में वर्षा से नुकसान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को आधी रात के बाद चमोली जिले के थराली कस्बे में बादल फटने से एसडीएम आवास और तहसील परिसर के साथ ही कई घरों में मलबा घुस गया। तहसील मुख्यालय थराली बाजार केदारबगढ़, राडिबगढ़, चेपड़ों में भारी नुकसान बताया जा रहा है।
उत्तरकाशी के धराली में त्रासदी के बाद भारी हुई है। चारों तरफ बर्बादी का मलबा पसरा हुआ है। इस बीच प्रशासन के द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। शुक्रवार को रेस्क्यू आपरेशन का चौथा दिन है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों दिन रात बिना रुके काम में जुटी हुई हैं।
रूस में 50 साल का सबसे भीषण भूकंप आया। भूकंप की तीव्रता 8.8 दर्ज की गई। वहीं सखाली, अलास्का और हवाई द्वीप में 8.7 की तीव्रता रही। भूकंप के बाद ज्वालामुखी फटने की भी सूचना है। तत्काल सुनामी की चेतावनी जारी की गई। कुछ ही घंटों बाद रूस और जापान में सुनामी की लहरें देखी गईं।
सिंगरौली जिले में शुक्रवार को हुई 12 घंटे की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। माड़ा क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हो गए, मकान गिरे, सड़कें और पुल जलभराव से बंद हो गए। प्रशासन रेस्क्यू और राहत कार्य में जुटा हुआ है।





















