झांसी रेलवे स्टेशन पर पूर्व सीएम उमा भारती के साथ बड़ा हादसा टला। समय से पहले छूटी पंजाब मेल में चढ़ने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने की मदद। रेल मंत्री को पत्र लिखकर रेलवे की व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल।
मैहर के रामनगर में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2 के तहत छापा मारकर महिला को अवैध शराब और नशीली कफ सिरप के साथ गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी पति फरार, सप्लायर नेटवर्क की जांच जारी।
मैहर पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत लग्जरी कार से गांजा और नशीली सिरप की सप्लाई कर रहे तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से लाखों का नशा और कार जब्त हुई।
जबलपुर क्राइम ब्रांच ने माढ़ोताल में 4,800 बोतल प्रतिबंधित कफ सीरप जब्त की है। उत्तराखंड से दमोह भेजी जा रही इस नशीली दवा के मामले में मेडिकल संचालक और डीलर पर मामला दर्ज।
सतना में मेडिकल नशे के धंधे का भंडाफोड़। जस्सा गैंग महिला को हर ट्रिप पांच हजार देकर घर में नशीली सिरप डम्प कराता था।
सतना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार-2 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला के घर से 28 लाख रुपये की नशीली कफ सिरप बरामद की। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, बड़े नेटवर्क के खुलासे की संभावना है।
आज के ही दिन 6 दिसंबर 1992 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में विवादित ढांचा गिराया गया था। इसकी बरसी पर यूपी में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। अयोध्या में राम मंदिर के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस गश्त कर रही। लोगों को रोक कर उनकी पहचान के लिए पुलिस डॉक्यूमेंट चेक कर रही।
खांसी की दवा कोडीन सिरप सेहत के लिए खतरनाक है। ऐसी ही एक और दवा कोल्ड्रिफ ने देश में कई बच्चों की जान ले ली है। बावजूद इसके ऐसी दवाइयां बाजार में बेखौफ बेची जा रही हैं। इनका इस्तेमाल नशे के लिए हो रहा है।
रीवा जिले के समान थाना पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गड़रिया मोड़ के पास कार सवार तीन तस्करों को पकड़ा। उनके पास से 4 लाख रुपये मूल्य की 1920 शीशी नशीली सिरप बरामद हुई। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि नशे की यह खेप उत्तर प्रदेश के वाराणसी से लाई गई थी और रीवा के कबाड़ी मोहल्ले में डिलीवरी होनी थी।
राजस्थान इंटेलिजेंस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले युवक को अलवर से गिरफ्तार किया है। युवक पर आपरेशन सिंदूर के बाद से ही नजर रखी जा रही थी। जिसे अब शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, अलवर अतिसंवेदनशील और सामरिक दृष्टि से अहम क्षेत्र है।






















