सीबीआई ने 17 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। इनमें चार चीनी भी शामिल हैं। इसके अलावा आरोपपत्र में 58 कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है। ये सभी कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े थे। इन पर मुखौटा (शेल) कंपनियां बनाकर और आनलाइन एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
सतना में धान की बोरियों से 46 किलो गांजा बरामद, कीमत 9 लाख से अधिक। राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के रिश्तेदारों पर आरोप, पुलिस जांच में राजनीतिक संरक्षण के संकेत।
10 नवंबर दिल्ली ब्लास्ट की जांच में ट्रांसनेशनल टेरर नेटवर्क, TTP कनेक्शन और हैंडलर्स की लेयर्ड चेन का खुलासा। 2500 किलो अमोनियम नाइट्रेट और AK-47 बरामद। एजेंसियों को मल्टी-लोकेशन हमले के प्लान के सबूत मिले।
भारती एयरटेल ने टाटा की तेजस नेटवर्क पर BSNL के लिए लगाए गए 800 MHz 4G उपकरणों से उसके 900 MHz नेटवर्क में इंटरफेरेंस पैदा करने का आरोप लगाया है। तेजस ने आरोपों को खारिज करते हुए स्पेक्ट्रम ओवरलैप को वजह बताया। स्वदेशी तकनीक के लिए बड़ी चुनौती।
एनआईए समेत अन्य जांच एजेंसियां और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार मस्जिद, किराएदारों के कमरे, खाद-बीज की दुकानें, कारों की बिक्री करने वाले डीलर, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं की चेकिंग कर रही है।
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के तार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े। मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर की महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात' का खुलासा। फरीदाबाद से महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद और डॉ. मुजम्मिल शकील 2900 किलो विस्फोटक के साथ गिरफ्तार। जानें इस स्लीपर सेल नेटवर्क का पूरा सच।
केंद्रीय कैबिनेट ने महाराष्ट्र, MP, गुजरात और छत्तीसगढ़ में 24,634 करोड़ रुपये की लागत से 4 मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी। जानें कैसे 3,633 गांवों को मिलेगा फायदा।
इंदौर पुलिस ने 2 करोड़ रुपये के MD ड्रग्स तस्कर शुभम नेपाली को उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया है। जानें कैसे वह फर्जी मोबाइल और युवाओं के जरिए ड्रग्स नेटवर्क चलाता था और उस पर पहले से ही 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
अनूपपुर जिले में गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को दोगुना-तिगुना पैसा कमाने का लालच देकर धोखाधड़ी करने वाले 6 आरोपी पुणे से गिरफ्तार। अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरोह का नेटवर्क इंदौर से ऑपरेट हो रहा था। पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप और नगद रकम भी बरामद की।
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) की साइटोजेनेटिक लैब इंडियन बायोडोसिमीट्री नेटवर्क (IN-BioDoS) में शामिल हो गई है। यह उपलब्धि BMHRC को मध्य भारत का पहला और इकलौता संस्थान बनाती है जो रेडिएशन आपदा की स्थिति में वैज्ञानिक आकलन और सटीक इलाज में मदद करेगा। जानें कैसे काम करेगा यह महत्वपूर्ण नेटवर्क।






















