सतना जिला अस्पताल में प्रसव के बाद 32 वर्षीय प्रसूता की मौत से परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सकों और स्टाफ पर जांच की मांग की।
सतना के नागौद क्षेत्र में प्रसव के दौरान कथित लापरवाही और आशा कार्यकर्ता की अनुपस्थिति की शिकायत पर कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए। दोषी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
सीधी के चुरहट क्षेत्र में पांच दिन की नवजात की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने मां को गिरफ्तार किया। जांच में मानसिक तनाव की बात सामने आई, जबकि घटना ने प्रसवोत्तर मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता बढ़ाई।
तमिलनाडु के तिरुप्पुर में यूट्यूब वीडियो देखकर घर पर नॉर्मल डिलीवरी कराने की कोशिश में एक महिला की मौत हो गई। जानें क्या है पूरी घटना और कैसे एक छोटी सी लापरवाही ने परिवार उजाड़ दिया।
सतना जिला अस्पताल में सात माह की गर्भवती महिला ने सामान्य प्रसव से तीन बेटियों को जन्म दिया। कम वजन और समय पूर्व जन्म के कारण तीनों नवजातों को एसएनसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञ निगरानी में रखा गया है।
सीधी जिले की मझौली स्वास्थ्य टीम की पांच नर्सें उस समय देवदूत बनकर सामने आईं जब जंगल के बीच चलती बस में सवार गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जोखिम भरी स्थिति को समझते हुए स्टाफ नर्स अंजली गुप्ता और नेहा साकेत ने बिना समय गंवाए बस में ही सुरक्षित डिलीवरी कराई। सीमित संसाधनों के बीच लिया गया उनका त्वरित निर्णय और साहसिक कदम पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। मां और नवजात की स्थिति पूरी तरह स्वस्थ है।
सतना जिला अस्पताल में 28 वर्षीय रंजना पटेल ने सामान्य प्रसव से अलग-अलग समयांतराल में तीन बच्चों को जन्म देकर नया रिकॉर्ड बनाया। कम वजन के कारण तीनों नवजातों को एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है, जबकि मां स्वस्थ है। 21 नवम्बर को हुई इस डिलेवरी में चिकित्सकों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सतना जिले में 19 अक्टूबर को प्रसूता की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि चिकित्सकों ने प्रसूता की प्रसव पूर्व जांच में गंभीर लापरवाही की और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को रिपोर्ट से दबाया गया। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के बावजूद महिला को उचित उपचार नहीं मिला, जिससे प्रसूता और नवजात दोनों की मौत हो गई। सीएमएचओ ने मामले में जिम्मेदार चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा है और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
मैहर और सतना के बीच सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस में 21 वर्षीय गर्भवती महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। महिला यात्रियों ने संकट की घड़ी में ‘दाई’ बनकर प्रसव कराया। रेलवे स्टाफ और जीआरपी ने तत्परता दिखाते हुए सतना स्टेशन पर मां और नवजात को अस्पताल पहुंचाया। दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।






















