केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-किसान योजना को 2030-31 तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत किसानों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक मदद मिलती है। जानिए पूरी विस्तार से जानकारी।
वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर मिश्र की पावर गैलरी में पढ़िए उपचुनाव के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें, विंध्य की राजनीतिक हलचल, सत्ता-विपक्ष की चर्चित नजदीकियां और एक सरकारी बैठक में शुगर जांच से जुड़े दिलचस्प राजनीतिक किस्से।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीमा क्षेत्र में FDI सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने वाले विधेयक को हरी झंडी दे दी है। इस सुधार का उद्देश्य बाजार की पैठ बढ़ाना, पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा करना और 2047 तक 'सभी के लिए बीमा' का लक्ष्य प्राप्त करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 और 9 दिसंबर को खजुराहो में रहेंगे, जहां वे कैबिनेट बैठक और 9 महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा करेंगे। साथ ही, राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन में ₹1.26 करोड़ से अधिक राशि अंतरित की जाएगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹19,919 करोड़ की चार परियोजनाएं, जिसमें ₹7280 करोड़ की दुर्लभ पृथ्वी स्थायी मैग्नेट (REPM) निर्माण प्रोत्साहन योजना शामिल है, को मंजूरी दी है। यह योजना चीन के निर्यात नियंत्रणों के बीच भारत के EV और रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाएगी।
नीतीश कुमार ने पहली बार गृह विभाग छोड़ा, अब डिप्टी CM सम्राट चौधरी को जिम्मेदारी। मंगल पांडेय स्वास्थ्य मंत्री, श्रेयसी सिंह को खेल विभाग मिला। जानें मंत्रियों के विभागों की पूरी लिस्ट और कैबिनेट के बड़े फैसले।
बिहार चुनाव परिणाम 2025 के बाद NDA सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू। बीजेपी-जेडीयू में मंत्रिमंडल पर '6 विधायक पर 1 मंत्री' फॉर्मूला तय। मांझी, कुशवाहा और चिराग पासवान की शाह से मुलाकात।
केंद्रीय कैबिनेट ने महाराष्ट्र, MP, गुजरात और छत्तीसगढ़ में 24,634 करोड़ रुपये की लागत से 4 मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी। जानें कैसे 3,633 गांवों को मिलेगा फायदा।
डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट से मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विंध्य से नए चेहरों के शामिल होने की अटकलें तेज हैं। सतना, रीवा, सीधी, शहडोल और उमरिया के कई विधायक दावेदारी में हैं। जातीय समीकरण और चुनावी रणनीति तय करेगी तस्वीर।





















