सतना-सेमरिया मार्ग पर पांच करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद मरम्मत अधूरी है। बरसात में गड्ढों से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग की।
सतना के प्रमुख बाजार क्षेत्र में अधूरे सीवर कार्य और खराब सड़कों से परेशान व्यापारियों की शिकायत पर सांसद गणेश सिंह ने निरीक्षण किया। बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों और ठेकेदार को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
केंद्रीय कैबिनेट ने 32 लाख किसानों के लिए 'कपास क्रांति' और ₹3,936 करोड़ के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। जानें अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक फैसले।
सतना में छह शासकीय स्कूलों के प्राचार्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर 29 लाख रुपये के बिल लगाने वाले संविदाकार पर सिटी कोतवाली में धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज हुआ है।
ग्राम पंचायत खामिनखेड़ा में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के लिए पीएचई ठेकेदार ने 6 माह पहले सीसी सड़कें तोड़ी थीं। मरम्मत न होने से 730 मीटर सड़क और नालियां दलदल में बदल गई हैं। ग्रामीण दल-दल और कीचड़ से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे छात्र, बुजुर्ग और वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। पंचायत ने सीईओ को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
सतना जिले के सितपुरा-छींदा मार्ग की हालत बद से बदतर, बारिश में दलदल और गड्ढों से ग्रामीण परेशान। ट्रक-ट्रैक्टर फंसने से जाम लगा, प्रशासन चुप। एक माह से मरम्मत की मांग अनसुनी, सड़क पर धान रोपने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई। अब ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया है। जानिए पूरा मामला।
देवेंद्रनगर के ग्राम बमुरी में भारी बारिश के कारण कच्चा मकान ढह गया, जिससे मजदूर और उसकी भैंस मलबे में दब गए। वहीं अजयगढ़ के मझगांय गांव में टूटा पुल मरम्मत के बाद पुनः शुरू हुआ आवागमन। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत और सहायता की मांग की।
रीवा और मऊगंज जिलों की 149 स्कूलों को पूरी या आंशिक रूप से जमींदोज किया जाएगा, जबकि 439 स्कूलों की हालत मरम्मत योग्य बताई गई है। ये भवन पंचायतों द्वारा 2005–2008 में बनवाए गए थे, लेकिन घटिया निर्माण के चलते 20 साल भी नहीं टिक पाए। अब छात्र जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
भोपाल के एमपी नगर में सड़क धंसने पर PWD ने नगर निगम को दोषी ठहराया, सार्वजनिक शौचालय और सफाई के अभाव को बताया मुख्य कारण। शनिवार तक मरम्मत का दावा।
सतना के रैगाँव क्षेत्र में स्थित सितपुरा–छींदा मार्ग की बदहाल दशा से छात्र, मरीज़ और हजारों ग्रामीण बेहाल; प्रशासन की उदासीनता पर लोग सड़क पर धान रोपकर विरोध की चेतावनी दे रहे हैं।






















