अरावली पर्वतमाला को लेकर उठे विवाद पर आज यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सीजेआई सूर्यकांत ने आदेश दिया है कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें और उन पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई आगे की टिप्पणियां फिलहाल स्थगित रहेंगी। अदालत ने साफ किया कि अगली सुनवाई तक इन सिफारिशों को लागू नहीं किया जाएगा।
न्यायिक भ्रष्टाचार के केस को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने गुरुवार को कहा-जजों में रिटायरमेंट की पूर्व संध्या पर बाहरी कारणों से कई आदेश पारित करने का चलन बढ़ रहा है। बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा- याचिकाकर्ता ने रिटायरमेंट से ठीक पहले छक्के मारना शुरू कर दिया। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण चलन है। मैं इस पर और ज्यादा बात नहीं करना चाहता।
पूर्व सीजेआई ने कहा- फैसले के लिए उनके अपने समुदाय के लोगों ने ही उनकी बहुत आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन पर खुद आरक्षण का फायदा उठाकर सुप्रीम कोर्ट का जज बनने और फिर क्रीमी लेयर में आने वालों को बाहर करने की वकालत करने का आरोप लगाया गया।
सुप्रीम कोर्ट में आज एक महिला की याचिका पर सुनवाई हुई जिसे बिना सही सत्यापन के भारत से बांग्लादेश जबरन भेज दिया गया था। महिला इस वक्त प्रेग्नेंट है। बांग्लादेश में सीमा से 40 किमी दूर जेल में बंद है। ये याचिका उनके पिता ने दाखिल की है।
जस्टिस सूर्यकांत ने भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है। उनका कार्यकाल 15 महीने का होगा और वह उखक भूषण आर गवई का स्थान लेंगे, जिन्होंने सेवानिवृत्ति से पहले परंपरा के अनुसार उनके नाम की सिफारिश की थी।
जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। राष्ट्रपति भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में ब्राजील समेत दुनिया के सात देशों के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल होंगे।
सीजेआई गवई का आज सुप्रीम कोर्ट में आखिरी कार्य दिवस है। वे 23 नवंबर (रविवार) को रिटायर हो जाएंगे हैं। जस्टिस सूर्यकांत देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। वे 24 नवंबर को पदभार संभालेंगे। जस्टिस कांत 53वें सीजेआई के तौर पर 14 महीने का कार्यकाल पूरा करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने की घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि ये घटना सिर्फ सुप्रीम कोर्ट या वकीलों के समुदाय को नहीं, बल्कि पूरे समाज को आहत करती है।
सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई बीआर गवई ने आज एक अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा-जजों के किसी पार्टी के फेवर में आर्डर पास न करने की स्थिति में उसके खिलाफ गलत आरोप लगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। 23 नवंबर को रिटायर होने वाले सीजेआई गवई आज एन पेड्डी राजू केस में कोर्ट की अवमानना पर सुनवाई कर रहे थे।






















