प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। अपमान का आरोप लगा शंकराचार्य धरने पर बैठे।
उत्तरप्रदेश के प्रयागराज माघ मेले में आज संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। घाटों पर लोग ही लोग नजर आए। सुबह 9:30 बजे तक करीब दो करोड़ लोग स्नान कर चुके थे। प्रशासन का दावा है कि आज देर शाम तक कम से कम चार करोड़ लोग डुबकी लगाएंगे।
मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है? जानें इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व, वैज्ञानिक आधार और भारत के विभिन्न राज्यों में इसे मनाने के अनूठे तरीके।
4 जनवरी से 1 फरवरी तक माघ स्नान का शुभ अवसर। स्नान, दान, व्रत एवं हवन से पाप नष्ट होते हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। प्रयाग, गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान विशेष पुण्यदाई है।
आज विक्रम संवत 2082 के माघ मास की कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज से माघ के पवित्र महीने का आरंभ हो रहा है।
प्रयागराज महाकुंभ के बाद पहला माघ मेला आज से शुरू हो गया है। पहले दिन पौष पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती नदियों के पावन संगम स्थल पर पौष पूर्णिमा के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। गंगा घाटों पर सुबह से ही गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और दीपदान के लिए श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान से दस यज्ञ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है। यह दिन सिख धर्म के लिए भी विशेष है।
छोटी दीपावली के नाम से जानी जाने वाली नरक चतुर्दशी का पर्व केवल दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच आत्मा की शांति का संदेशवाहक है।
चित्रकूट में अमावस्या मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने मां मंदाकिनी नदी में स्नान कर भगवान कामतानाथ पर्वत की परिक्रमा की। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, वहीं डूबते एक छात्र को एनडीआरएफ और पुलिस ने सुरक्षित बचाया।





















