मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के इमरजेंसी विभाग में तैनात रहीं महिला असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा की आत्महत्या के केस ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है।

डॉ. रश्मि का मामले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंच गया है।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के इमरजेंसी विभाग में तैनात रहीं महिला असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा की आत्महत्या के केस ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। विभागाध्यक्ष पर प्रताड़ना के गंभीर आरोपों और संस्थान द्वारा शिकायतों को नजरअंदाज करने के गंभीर आरोपों के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केस का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने इस प्रकरण में संस्थागत जवाबदेही तय करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के संबंधित विभागों से जवाब तलब किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय, एम्स प्रबंधन और भोपाल पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने 15 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट, पीओएसएच कमेटी की कार्यवाही और एफआईआर की कॉपी मांगी है।
23 दिन वेंटिलेटर पर थीं रश्मि
गौरतलब है कि महिला डॉक्टर की इलाज के दौरान 5 जनवरी की मौत हो गई थी। 11 दिसंबर को तनाव के चलते उठाए गए एक आत्मघाती कदम के बाद से वे पिछले 23 दिनों से वेंटिलेटर पर थीं। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्हें एनेस्थीसिया ओवरडोज के कारण 7 मिनट तक धड़कन रुकने से गंभीर ब्रेन डैमेज हुआ था। इस दुखद मौत ने एक बार फिर मेडिकल क्षेत्र में डॉक्टरों पर बढ़ते मानसिक दबाव और एम्स के काम करने के तनावपूर्ण माहौल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मानवाधिकार आयोग का स्वत: संज्ञान
एम्स भोपाल में पदस्थ महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की द्वारा खुदकुशी किए जाने के मामले में न्याय की उम्मीद तेज हो गई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की पीठ ने इस दुखद घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव, एम्स भोपाल के निदेशक और भोपाल पुलिस कमिश्नर को नोटिस थमाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कार्यस्थल पर प्रताड़ना के कारण किसी चिकित्सक का ऐसा कदम उठाना गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है।
एचओडी पर प्रताड़ना और अपमान के आरोप
डॉ. रश्मि ट्रॉमा एंड इमरजेंसी विभाग में कार्यरत थीं। आरोप है कि विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद यूनुस द्वारा उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। सार्वजनिक रूप से अपमानित करना और पेशेवर काम में बाधा डालना जैसे गंभीर आरोप उन पर लगे हैं। बताया जा रहा है कि इसी प्रताड़ना से तंग आकर एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) का ओवरडोज लेकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
आयोग सख्त- मांगी 15 दिन में रिपोर्ट
जांच के दायरे में एम्स प्रबंधन की भूमिका
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल एम्स प्रबंधन की भूमिका पर उठ रहा है। यदि महिला डॉक्टर ने पहले शिकायतें की थीं, तो उन पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई। आयोग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि क्या यह केवल एक व्यक्ति की प्रताड़ना का मामला है या पूरे संस्थान का तंत्र विफल रहा है। वहीं भोपाल पुलिस को भी अपनी जांच रिपोर्ट पेश करनी होगी। इसमें यह देखा जाएगा कि आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत अब तक क्या साक्ष्य जुटाए गए हैं और क्या दोषियों के खिलाफ पर्याप्त कानूनी कार्रवाई की गई है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
सतना में शिक्षक दंपती के सूने मकान का ताला तोड़कर जेवर और नकदी चोरी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार हुए। पुलिस ने करीब आठ लाख रुपये का सामान बरामद किया, सराफा कारोबारी फरार है।
सतना में शादी से इनकार करने पर महिला पर दिनदहाड़े चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया।
गोरसरी पहाड़ में डेरा जमाए नर हाथी ई-5 को सुरक्षित पकड़ने वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी है। मैहर के मां शारदा मंदिर की त्रिकूट पहाड़ी पर तेंदुए की आवाजाही सीढ़ियों तक पहुंच गई।
मध्य प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की धमाकेदार वापसी हुई है। भोपाल, इंदौर समेत 7 शहरों में 351 बसों के साथ 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' की शुरुआत की गई है। जानिए किराए, रूट, इलेक्ट्रिक बसों की खासियत और सरकार के आगामी लक्ष्यों के बारे में पूरी जानकारी।
सतना जिला अस्पताल में 24 घंटे में तीन गर्भस्थ शिशुओं की मौत और छह माह में 14 मातृ मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग ने समीक्षा बैठक बुलाई है। उपचार, रेफरल, संसाधनों और व्यवस्थाओं की जांच होगी।
सतना जिले में पांच स्वास्थ्य केन्द्रों के उन्नयन का प्रस्ताव तैयार हो रहा है। कोठी सीएचसी को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल, सिंहपुर और परसमनिया को सीएचसी बनाने का प्रस्ताव है।
सीएम हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना से जुड़े प्रकरणों की समीक्षा के दौरान श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन ने लंबित प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास के पुंजापुरा में 'सेवा संकल्प बाइक यात्रा' का स्वागत किया और प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के कार्यकाल को सराहा। साथ ही 35 लाख पेंशनर्स के खाते में राशि अंतरित की।
रामपुर बाघेलान के माधवगढ़ और जैतवारा वितरण क्षेत्रों में बिजली चोरी और बकाया वसूली के लिए सघन जांच अभियान चला। माधवगढ़ में 39 और जैतवारा क्षेत्र में 104 प्रकरण दर्ज किए गए।
सतना और मैहर स्टेशनों पर जल्द एम-यूटीएस सहायक यात्रियों के बीच पहुंचकर जनरल टिकट जारी करेंगे। मोबाइल और ब्लूटूथ प्रिंटर से टिकट मिलने पर काउंटर की लंबी कतार, समय और खुले पैसे की परेशानी घटेगी।