ईडी ने कोयले के अवैध खनन और परिवहन के एक केस में धन शोधन की जांच के तहत मंगलवार को पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर छापे मारे। ईडी की टीम ने किरण खान, शेख अख्तर, प्रबीर दत्ता, मिर्जा एच बेग समेत कुछ अन्य लोगों के घरों में एक साथ दबिश दी। इससे राज्य में हड़कंप मच गया है।
By: Arvind Mishra
Feb 03, 202611:36 AM

कोलकाता। स्टार समाचार वेब
ईडी ने कोयले के अवैध खनन और परिवहन के एक केस में धन शोधन की जांच के तहत मंगलवार को पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर छापे मारे। ईडी की टीम ने किरण खान, शेख अख्तर, प्रबीर दत्ता, मिर्जा एच बेग समेत कुछ अन्य लोगों के घरों में एक साथ दबिश दी। इससे राज्य में हड़कंप मच गया है। दरअसल, पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय एजेंसी की टीमें कोलकाता सहित सूबे के 12 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है, जिसके तार पड़ोसी राज्य झारखंड से भी जुड़े हुए हैं। यह मामला आई-पैक और प्रतीक जैन से जुड़े हालिया कोयला तस्करी मामले से पूरी तरह अलग है।
झारखंड में हो चुकी छापेमारी
इससे पहले इसी मामले के सिलसिले में झारखंड में भी बड़े लेवल पर छापेमारी की गई थी, जहां कोयला माफियाओं के सिंडिकेट और वित्तीय लेन-देन के अहम सुराग मिले थे। ईडी की यह जांच मुख्य रूप से अवैध रूप से खनन किए गए कोयले की चोरी, परिवहन और उसके जरिए कमाए गए काले धन को सफेद करने के नेटवर्क पर केंद्रित रही।
झारखंड-बंगाल के बीच सिंडिकेट
ईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि कोयला खनन का यह अवैध कारोबार केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है। झारखंड में हुई पिछली छापेमारी के दौरान एजेंसी को ऐसे दस्तावेज मिले थे, जो पश्चिम बंगाल के कई व्यापारियों और बिचौलियों की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।