मध्यप्रदेश के गांवों और शहरों की गलियों से गुजरते हुए अगर आपको साड़ी का पल्लू संभाले या कॉलेज का बैग टांगे महिलाओं की कोई टोली दिखाई दे, तो उन्हें सिर्फ राहगीर समझने की भूल मत कीजिएगा। शौर्या दल की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि ये अपराध होने के बाद मोमबत्तियां नहीं जलातीं, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसकी कमर तोड़ देती हैं।

मोहन कैबिनेट ने दी 2030-31 तक निरंतरता को मंजूरी
शक्ति को कागजों से निकालकर धरातल पर साकार किया
समझाइश के ब्रह्मास्त्र से बड़े केसों को शांति से सुलझा रहीं
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के गांवों और शहरों की गलियों से गुजरते हुए अगर आपको साड़ी का पल्लू संभाले या कॉलेज का बैग टांगे महिलाओं की कोई टोली दिखाई दे, तो उन्हें सिर्फ राहगीर समझने की भूल मत कीजिएगा। यह मध्यप्रदेश की शौर्या दल सेना है। बिना वर्दी के समाज की वो गार्डियन जो आज देश में महिला सशक्तिकरण की सबसे बुलंद हुंकार बन चुकी है ,जिसने महिला सशक्तिकरण की परिभाषा को कागजों से निकालकर धरातल पर साकार कर दिखाया है। 2013 में महज 6 जिलों से शुरू हुआ यह कारवां आज प्रदेश के कोने-कोने में फैल चुका है, जिसे देखते हुए सरकार ने इसे अगले 5 साल (2026-27 से 2030-31) तक लगातार जारी रखने का महत्वपूर्ण फैसला किया है।
पुलिस से पहले पहुंचती है जाबांज टोली
शौर्या दल की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि ये अपराध होने के बाद मोमबत्तियां नहीं जलातीं, बल्कि अपराध होने से पहले ही उसकी कमर तोड़ देती हैं। किसी घर में घरेलू हिंसा की सुगबुगाहट हो, किसी गांव में गुपचुप बाल विवाह मंडप सज रहा हो, या कोई संदिग्ध मानव तस्करी का जाल बुन रहा हो- शौर्या दल का खुफिया नेटवर्क तुरंत सक्रिय हो जाता है। 15 से 45 वर्ष की ये जांबाज महिलाएं पुलिस और कानून के हस्तक्षेप से पहले अपनी सामुदायिक समझाइश के ब्रह्मास्त्र से बड़े-बड़े केसों को शांति से सुलझा देती हैं।
अनोखा नेटवर्क... 22.52 लाख साइलेंट आर्मी
यह देश का शायद सबसे अनोखा और विशाल सामाजिक नेटवर्क है, जिसमें वर्तमान में 22.52 लाख से अधिक महिलाएं और बेटियां सीधे तौर पर जुड़ी हैं। इस दल की खूबसूरती देखिए-एक तरफ जहां 7.64 लाख कॉलेज और स्कूल जाने वाली नई पीढ़ी की लड़कियां अपने तकनीकी और आधुनिक विचारों के साथ इसमें शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ 14.88 लाख अनुभवी गृहणियां और बुजुर्ग महिलाएं हैं, जो समाज की विविधताओं से भलीभांति परिचित हैं। युवा जोश और अनुभव जब एक मंच पर आता है, तो दकियानूसी सोच और नकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण को घुटने टेकने ही पड़ते हैं।
आदिवासी अंचलों से शहरों तक हक जंग
महिला एवं बाल विकास विभाग की इस पहल ने सुदूर आदिवासी क्षेत्रों से लेकर शहरी वार्डों तक की महिलाओं को अपनी बंदिशें तोड़कर खुलकर सांस लेने का मौका दिया है। आज ये शौर्या दल सिर्फ सुरक्षा कवच नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर महिलाओं की समान पहुंच सुनिश्चित करने का जरिया बन चुके हैं। महिलाएं अब सिर्फ सरकारी योजनाओं की कतारों में खड़ी नहीं होतीं, बल्कि अपने मौलिक अधिकारों के लिये लड़ना सीख चुकी हैं।
देश के लिए नया रोल मॉडल बना मध्यप्रदेश
शौर्या दल ने यह साबित कर दिया है कि असली महिला सशक्तिकरण तब आता है जब चाबी खुद महिलाओं के हाथ में सौंप दी जाए। समाज की नकारात्मक सोच और रूढ़ियों पर प्रहार करता मध्यप्रदेश का यह शौर्या मॉडल आज पूरे देश के सामने एक मिसाल है, जो यह संदेश देता है कि जब महिलाएं खुद अपनी और समाज की रक्षक बन जाएं, तो बदलाव को आने से कोई नहीं रोक सकता।


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मध्यप्रदेश की कृषि उपज मंडियों की व्यवस्थाओं में राज्य सरकार ने कुछ बड़े बदलाव किए हैं। मंडी में अब एक रजिस्टर्ड व्यापारी को एक ही दुकान आवंटित की जाएगी। राज्य सरकार ने पहली बार प्रदेश की मंडियों के लिए यह व्यवस्था लागू की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी सोमवार को 12 बजे खंडवा पहुंचे। यहां नई कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में शामिल हुए। साथ ही इस अवसर पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82 लाख से अधिक किसानों के खाते में 3300 करोड रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर कर किसानों से संवाद किया।
भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान के केस में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट 7 अगस्त को इस हाई-प्रोफाइल केस पर सुनवाई करने जा रहा है।
मध्यप्रदेश सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई 35 लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पूरे प्रदेश में जल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। सभी जल स्रोतों की जियो टैगिंग की जाएगी ताकि उनकी लोकेशन और स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड रहे।
मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के तहत खंडवा में आयोजित किए जा रहे बलराम कृषि महोत्सव में सोमवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शामिल होंगे। पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसानों से वर्चुअल संवाद प्रस्तावित था, लेकिन अब वे स्वयं सोमवार को खंडवा पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होंगे ।
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 तस्करों को रंगे हाथों दबोचा और करोड़ों के माल के साथ केमिकल जब्त किए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, हाईटेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा के तहत सोमवार से शहर में यात्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू होने जा रहा है।
दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।
रीवा के एपीएस विश्वविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में समिति बदलने से विवाद गहरा गया है। पात्रता, दस्तावेजों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।