भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर मल्टीपल चोटों की बात सामने आई है। पुलिस लापरवाही और फरार पति समर्थ सिंह पर इनाम से जुड़ी पूरी खबर पढ़ें

भोपाल। स्टार समाचार वेब
भोपाल की उभरती हुई एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। एम्स (AIIMS) भोपाल की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद इस पूरे मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विशा के शरीर पर मल्टीपल चोटों (कई जख्मों) के निशान पाए गए हैं।
इस खुलासे के बाद जहां एक्ट्रेस के परिजन शुरुआत से ही हत्या की आशंका जता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्विशा की सास और उनके वकील ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए इस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शॉर्ट पीएम रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और उनके वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रिपोर्ट पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है:
अस्पष्ट जानकारी: रिपोर्ट में सिर्फ चोटों का जिक्र है, लेकिन वे चोटें शरीर पर कहां और कितनी गहरी हैं, यह साफ नहीं किया गया है।
जांच के लिए तैयार: वकील का कहना है कि यह रिपोर्ट सिर्फ 'सेंसेशन' (सनसनी) फैलाने के इरादे से तैयार की गई है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे किसी भी स्वतंत्र एजेंसी से जांच या दोबारा पोस्टमॉर्टम (Second Postmortem) के लिए पूरी तरह तैयार हैं और पुलिस का सहयोग करेंगे।
शादी के महज कुछ महीने बाद ही मौत : आपको बता दें कि ट्विशा शर्मा और समर्थ सिंह की शादी पिछले साल ही 12 दिसंबर 2025 को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही एक्ट्रेस की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले में भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली भी गंभीर सवालों के घेरे में है। पोस्टमॉर्टम के दौरान एक ऐसी चूक सामने आई है जिसने मामले को और उलझा दिया है। थ्योरी के मुताबिक ट्विशा ने जिस बेल्ट से फांसी लगाई थी, जांच अधिकारी पोस्टमॉर्टम के समय उस बेल्ट को एम्स भोपाल लेकर ही नहीं पहुंचे। डॉक्टरों को बेल्ट बाद में सौंपी गई, जिसके कारण वे कथित फांसी के साधन (बेल्ट) और ट्विशा की गर्दन पर बने निशानों (Ligature Marks) का वैज्ञानिक मिलान और माप नहीं कर सके।
दिल्ली एम्स में दोबारा हो पोस्टमॉर्टम
इस बड़ी चूक के बाद ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा और अन्य परिजनों ने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाई है। मौत के 8 दिन बीत जाने के बाद भी परिजन शव लेने और अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं हैं। उनकी मांग है कि मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी (जैसे CBI) से कराई जाए। दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) के डॉक्टरों की देखरेख में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया जाए।
इस बीच सोमवार को कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। मामले की जानकारी देते हुए एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने बताया फांसी में इस्तेमाल की गई बेल्ट को जब्त कर लिया गया था, लेकिन तकनीकी कारणों से पोस्टमॉर्टम के समय उसे एम्स नहीं भेजा जा सका था। आरोपी समर्थ सिंह फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। उसकी लोकेशन ट्रेस करने और धरपकड़ के लिए पुलिस की 6 टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

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