भोपाल के स्लॉटर हाउस गोमांस मामले में आरोपी असलम चमड़ा को जमानत मिलने के बाद पुलिस ने फिर गिरफ्तार कर लिया है। हिंदू संगठनों ने पुलिस की चार्जशीट पर सवाल उठाए हैं।
By: Ajay Tiwari
Mar 19, 20266:16 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
राजधानी के बहुचर्चित जिंसी स्लॉटर हाउस गोमांस मामले में मुख्य आरोपी असलम कुरैशी उर्फ 'चमड़ा' की रिहाई के तुरंत बाद नाटकीय मोड़ आ गया है। बुधवार रात करीब 70 दिनों बाद जेल से जमानत पर बाहर आते ही पुलिस ने उसे दोबारा हिरासत में ले लिया। सूत्रों के अनुसार, जोन-4 की पुलिस ने धारा 151 के तहत यह कार्रवाई की है और अब प्रशासन उस पर रासुका (NSA) लगाने की तैयारी कर रहा है।
बुधवार रात 10 बजे जैसे ही असलम भोपाल सेंट्रल जेल के मुख्य द्वार से बाहर निकला, वहां पहले से मौजूद पुलिस टीम ने उसे एक लाल रंग की पोलो कार में बैठा लिया। बताया जा रहा है कि उसे पहले परवलिया और फिर सीहोर रोड ले जाया गया, जिसके बाद देर रात थाने में उसकी गिरफ्तारी दर्ज की गई।
इस मामले में हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। मामले का खुलासा करने वाले भानू हिंदू का कहना है कि पुलिस ने कोर्ट में कमजोर चार्जशीट पेश की, जिसका फायदा उठाकर आरोपी को बेल मिल गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हैदराबाद भेजा गया सैंपल खराब हो गया था और गिरफ्तारी केवल मथुरा लैब की रिपोर्ट के आधार पर हुई थी। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि असलम पर रासुका नहीं लगा, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे।
एडीजे पंकज कुमार जैन की अदालत ने 35 हजार रुपये के मुचलके पर असलम को रिहा करने के आदेश दिए थे। अदालत का तर्क था कि:
आरोपी दो महीने से अधिक समय से जेल में है।
मामले की जांच (विवेचना) पूरी हो चुकी है और चार्जशीट पेश की जा चुकी है।
यह अपराध मृत्युदंड या आजीवन कारावास की श्रेणी में नहीं आता है।
असलम बिना अनुमति देश नहीं छोड़ सकेगा और ट्रायल में किसी भी तरह की बाधा नहीं डालेगा।
असलम को जमानत मिलने से नाराज बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय के घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की सांकेतिक अर्थी निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इतने गंभीर मामले में आरोपी का बाहर आना न्याय व्यवस्था और प्रशासन की विफलता है।