भोपाल के बड़ा तालाब कैचमेंट एरिया में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माणों को ढहाया। विधायक आरिफ मसूद के संस्थान सहित 25 से अधिक रसूखदारों के निर्माण चिह्नित किए गए हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
By: Ajay Tiwari
Feb 28, 20265:08 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
भोपाल के 'बड़ा तालाब' को संरक्षण देने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) तहसील के हलालपुर और खानूगांव क्षेत्र में भारी पुलिस बल और राजस्व अमले की मौजूदगी में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। तालाब की जलभराव सीमा (Full Tank Level) और 50 मीटर के कैचमेंट दायरे में किए गए अवैध पक्के निर्माणों को बुलडोजर से जमींदोज किया गया।
सीमांकन में हुए चौंकाने वाले खुलासे
नायब तहसीलदार केके पंडोले के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम द्वारा किए गए सीमांकन में कई रसूखदारों और नेताओं के निर्माण घेरे में आए हैं। जांच में सामने आया कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का 'इन्दिरा प्रियदर्शनी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स' तालाब की सीमा के बेहद करीब बना हुआ है। इसके अलावा, कांग्रेस नेता अरुणेश्वर सिंहदेव की भूमि का कुछ हिस्सा भी कैचमेंट एरिया में पाया गया है, जहाँ वर्तमान में खेती की जा रही है। राजस्व अमले ने इन सभी स्थानों पर लाल निशान लगाकर उन्हें चिह्नित कर लिया है।
25 से अधिक बड़े निर्माणों पर संकट
सीमांकन के दौरान कैचमेंट एरिया के 50 मीटर के दायरे में कई महत्वपूर्ण संपत्तियां पाई गई हैं।
राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को आवंटित शासकीय बंगला।
आईएएस मुजीबउर्रहमान के बंगले का कुछ हिस्सा।
केके हाउस, गुलबाग लॉन और कई निजी रेस्टोरेंट व फैक्ट्रियां।
खानूगांव में लगभग दो एकड़ जमीन पर आदिल नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा विशाल अवैध निर्माण।
धार्मिक स्थल और झुग्गियां भी चिह्नित
प्रशासनिक टीम को तालाब के भीतर ही कुछ परिवार झुग्गियां बनाकर रहते हुए मिले। साथ ही, एक धार्मिक स्थल का कुछ हिस्सा भी कैचमेंट एरिया की जद में आया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अब तक का सबसे बड़ा अतिक्रमण विरोधी सर्वे है, जिसमें रसूखदारों के अवैध कब्जों की पोल खुली है।
अधिकारियों का पक्ष
बैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय के अनुसार, खानूगांव में सीमांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 50 मीटर के दायरे में आने वाले सभी निर्माणों की सूची तैयार कर ली गई है। अब इस सूची को टास्कफोर्स समिति के समक्ष रखा जाएगा, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की अगली बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।