मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भीलवाड़ा के सनातन मंगल महोत्सव में शिरकत की। जानें सिंहस्थ 2028 के संकल्प, 'स्व से सृष्टि' के कल्याण और राम-कृष्ण पथ के विकास पर उनके विचार
By: Ajay Tiwari
Feb 26, 20266:19 PM
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित हरिशेवा उदासीन आश्रम में आयोजित 'सनातन मंगल महोत्सव, संत समागम एवं दीक्षा महोत्सव' में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने स्वामी हंसरामजी महाराज का आशीर्वाद लिया और भारतीय संस्कृति के वैश्विक मूल्यों पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि के कल्याण की बात करती है। उन्होंने कहा....
"खुद के लिए तो सब जीते हैं, लेकिन संसार के समस्त जीवों, वनस्पतियों और प्राणियों के हित के लिए जीना ही वास्तविक सेवा धर्म है। सेवाभाव हमारी संस्कृति का प्राण है।"
मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के आध्यात्मिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि 'रा' (राजस्थान) और 'म' (मध्यप्रदेश) मिलकर 'राम' की महिमा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि मध्यप्रदेश सरकार उन सभी स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित कर रही है जहाँ भगवान श्री राम और श्री कृष्ण के चरण पड़े थे। इसके लिए 'श्रीरामचन्द्र गमन पथ' और 'श्री कृष्ण पाथेय' तैयार किए जा रहे हैं।
डॉ. यादव ने वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ का उल्लेख करते हुए देश-विदेश के संतों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि जब बृहस्पति ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, तब उज्जैन की पवित्र धरा पर ज्ञान की गंगा बहती है। उन्होंने संतों से आग्रह किया कि वे सिंहस्थ में पधारकर श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद प्रदान करें।

कार्यक्रम के दौरान तीन युवा संतों—ईशानरामजी, केशवरामजी और सुमज्ञरामजी महाराज को संन्यास की दीक्षा दी गई। मुख्यमंत्री ने उनका अभिनंदन करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को वेदों और संस्कारों से जोड़ना समय की मांग है।
गौतम कुमार दक (सहकारिता राज्यमंत्री, राजस्थान): उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण 500 वर्षों के सपने का साकार होना है।
बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज (राज्यसभा सदस्य): उन्होंने सामाजिक समरसता और 'सबका साथ-सबका विकास' के भाव पर जोर दिया।
स्वामी हंसराम जी महाराज: उन्होंने 'हंसगंगा यात्रा' के माध्यम से धर्म के प्रचार-प्रसार पर चर्चा की।
इस समागम में भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल, पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी सहित बड़ी संख्या में महामंडलेश्वर, महंत और श्रद्धालु उपस्थित रहे।