दिवाली की सफाई से उड़ती धूल और बदलते मौसम के बीच सतना में सांस संबंधी मरीजों की परेशानी बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज 170 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें 100 एलर्जी से पीड़ित बताए गए हैं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
दिवाली की तैयारियों के बीच घरों की सफाई से उड़ रही धूल और मौसम में लगातार हो रहे बदलाव ने सांस के मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घरों में जमा धूल झाड़ने से लेकर सड़कों पर बिखरे कचरे तक, हर तरफ उड़ते महीन कण एलर्जी और श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। ऐसे में अस्थमा और सीओपीडी के मरीजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, सफाई के दौरान हवा में फैलने वाले धूल के महीन कण सांस के जरिए शरीर में पहुंचकर खांसी, छींक, गले में खराश और सांस फूलने जैसी दिक्कतें बढ़ा सकते हैं। तापमान में अंतर और ठंडी हवा भी संवेदनशील मरीजों की परेशानी बढ़ा सकती है।
ओपीडी में रोज पहुंच रहे 170 मरीज
जिला अस्पताल में सांस संबंधी शिकायतों के साथ अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की संख्या चिंता बढ़ा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित संस्थान की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 170 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें लगभग 100 मरीज मौसमी बदलाव से जुड़ी एलर्जी की समस्या से पीड़ित बताए जा रहे हैं। हालांकि, इन आंकड़ों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी मरीजों की परेशानी का कारण दिवाली की सफाई या धूल ही है।
अस्थमा और सीओपीडी के मरीज रहें सतर्क
अस्थमा और सीओपीडी से पीड़ित लोगों के लिए धूल, धुआं और प्रदूषित हवा विशेष रूप से नुकसानदायक हो सकती है। सफाई के दौरान उड़ने वाले कण सांस की नलियों में जलन पैदा कर सकते हैं। इससे खांसी बढ़ने, सीने में जकड़न और सांस लेने में कठिनाई होने का खतरा रहता है। पहले से सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को लापरवाही से बचना चाहिए।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
मौसम में बदलाव के साथ धूल और धुएं का संपर्क सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है। ऐसे में दिवाली की सफाई करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से श्वसन रोगों से जूझ रहे लोगों को धूल-धुएं से बचाकर रखना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान
इनका कहना है...
मौसम का बदलाव और दीवाली की सफाई सांस की बीमारियां बढ़ा रही हैं। सबसे ज्यादा समस्याएं अस्थमा से पीड़ित मरीजों को हो रही है। सावधानी बरतें, कई बार ऐसे मौसम में अस्थमा अटैक आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में सावधानी बरतें एवं सांस की बीमारियों पर चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।
डॉ. एमएस तोमर, चेस्ट रोग विशेषज्ञ

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