सीधी की गोपद नदी पर बने गोतरा पुल के तीसरे स्लैब में दरारें मिलने के बाद प्रशासन ने आवागमन प्रतिबंधित कर दिया। सुरक्षा जांच, बैरियर लगाने और वैकल्पिक मार्ग की जानकारी देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

हाइलाइट्स
सीधी, स्टार समाचार वेब
गोपद नदी पर बने गोतरा पुल के तीसरे स्लैब में दरारें मिलने के बाद पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारी वाहनों की आवाजाही से पुल की संरचनात्मक सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका के बीच प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है। लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण उपसंभाग सीधी की रिपोर्ट में पुल के तीसरे स्लैब (एस-14) में बारीक दरारें पाए जाने का उल्लेख किया गया है। अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) कुसमी ने 25 अक्टूबर 26 को आदेश क्रमांक 1480 जारी कर यह कार्रवाई की है। इस निर्णय से पुल से गुजरने वाले आम लोगों के साथ रेत परिवहन में लगे वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होगी। पुल में दरारें सामने आने के बाद उसकी मौजूदा स्थिति, मजबूती और भार सहने की क्षमता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन ने संभावित दुर्घटना रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाया है, लेकिन इस घटना ने भारी वाहनों की आवाजाही, ओवरलोड रेत परिवहन पर निगरानी और सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी महत्वपूर्ण बना दिया है। रेत परिवहन में लगे वाहनों का निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलना पुलों और सड़कों, दोनों के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।
ओवरलोड रेत वाहनों का दबाव, सड़कों की सुरक्षा भी चिंता का विषय
रेत परिवहन में लगे भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़कों की स्थिति भी अहम सवाल है। अधिक भार वाले वाहनों से सड़क की सतह पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे सड़कें टूटने, गड्ढे बढ़ने और मरम्मत की जरूरत बार-बार पैदा होने की आशंका रहती है। सड़कें खराब होने का सीधा असर आम वाहन चालकों, स्थानीय निवासियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ता है। ऐसे में गोतरा पुल पर दरारें मिलने के बाद केवल पुल की मरम्मत ही नहीं, बल्कि रेत परिवहन में लगे वाहनों के भार की जांच और सड़कों की स्थिति की निगरानी भी जरूरी हो गई है।
पुल के दोनों ओर बैरियर लगाने के निर्देश
संभावित दुर्घटना रोकने के लिए एसडीएम ने संबंधित थाना प्रभारी और तहसीलदार को पुल के दोनों ओर बैरियर लगाने तथा चेतावनी संकेतक प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई वाहन प्रतिबंधित मार्ग पर प्रवेश न कर सके। लोक निर्माण विभाग को पुल की तकनीकी जांच कर उसकी मौजूदा स्थिति, सुरक्षा और आवश्यक मरम्मत के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। पुल की भार वहन क्षमता और दरारों की प्रकृति का आकलन भी सुरक्षित यातायात बहाली के लिए महत्वपूर्ण होगा।
रेत खदान संचालकों और परिवहन कंपनियों को निर्देश
प्रशासन ने संबंधित रेत खदान संचालकों और परिवहन कंपनियों को प्रतिबंध की जानकारी देने तथा आमजन तक वैकल्पिक मार्ग की सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। सीधी और सिंगरौली जिले के संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर आदेश का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। पुल पर आवागमन बंद होने से रेत परिवहन में लगे वाहनों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि परिवहन के दौरान निर्धारित भार सीमा और यातायात संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी दूसरे मार्ग पर भी सड़क सुरक्षा और आवागमन की समस्या न बढ़े।
जांच रिपोर्ट के बाद ही बहाल होगा यातायात
फिलहाल गोतरा पुल से आवागमन पर रोक लगा दी गई है। लोक निर्माण विभाग की तकनीकी जांच, आवश्यक मरम्मत और सक्षम अधिकारी की सुरक्षा संबंधी अनुशंसा मिलने के बाद ही यातायात बहाली पर निर्णय लिया जाएगा।


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