सतना के पीएम श्री स्कूल में रिश्तेदार को नियुक्ति और भोजन घोटाले की पुष्टि, प्रभारी प्राचार्य हटाईं गईं।
By: Yogesh Patel
Feb 25, 20263:41 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
शिक्षा के मंदिर में नियमों को ताक पर रखकर रिश्तेदारी निभाने और बच्चों के अधिकारों में कटौती करने के मामले में पीएम श्री शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय व्यंकट-2 में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य नीलम सिंह को पद से हटा दिया गया है। प्रभारी प्राचार्य की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल जांच में सही पाए गए है। जिला शिक्षा अधिकारी गिरीश अग्निहोत्री ने उक्त आदेश मंगलवार को जारी कर दिए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि महिला सहायिका के चयन में निर्धारित मापदंडों को दरकिनार कर अपने ही रिश्तेदार को नियुक्त कर दिया गया। मामला यहीं नहीं रुका। ओलंपियाड परीक्षा में शामिल विद्यार्थियों को शासन द्वारा निर्धारित भोजन की जगह केवल नाश्ता थमाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई, जबकि भुगतान की प्रक्रिया भी नियमों से हटकर स्वयं नगद की गई।
जेडी से हुए थे जांच के आदेश
बताया गया कि व्यंकट-2 स्कूल में इन मामलों की शिकायत संयुक्त संचालक लोक शिक्षण रीवा संभाग को भेजी गई, जहां से जांच के आदेश जारी हुए। जांच अधिकारी प्राचार्य शासकीय मॉडल उमावि. उचेहरा द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में आरोपों को सत्य पाया गया। प्रतिवेदन में स्पष्ट उल्लेख है कि चयन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया तथा वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं की गईं।
ये था मामला
प्रभारी प्राचार्य नीलम सिंह ने बिना किसी विज्ञापन प्रकाशित किए, एसएमडीसी की बैठक कार्यवाही किए बिना ही अपनी भतीजी श्रुति सिंह, पुत्री रमेश सिंह निवासी ग्राम अकौना की नियुक्ति प्री-प्राइमरी सहायिका के पद पर कर दी। इतना ही नहीं, उसी रात आनन-फानन में आॅनलाइन जॉइनिंग प्रक्रिया भी पूरी करा दी गई। नियुक्ति के दौरान न तो किसी प्रकार की विज्ञप्ति जारी की गई और न ही अन्य पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन लिए गए। वहीं, लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम अकौना की रहने वाली अपनी भतीजी को नियमों को ताक पर रखकर चयनित कर लिया गया।
जांच में क्या-क्या मिला
अब धर्मेन्द्र को कमान
प्राचार्य नीलम सिंह पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितता पुष्टि होते ही प्रभारी प्राचार्य के दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। वहीं विद्यालय के रिक्त प्राचार्य पद का प्रभार उच्च माध्यमिक शिक्षक धर्मेन्द्र कुमार खरे को अग्रिम आदेश तक सौंपा गया है।