मध्यप्रदेश में सरकार कॉलोनी अधिनियम लाने जा रही है। इससे गरीबों के लिए कॉलोनियों में 15 फीसदी आवास आरक्षित होंगे। दरअसल, शहरों की बढ़ती आबादी और संसाधनों पर दबाव को देखते हुए सरकार ने शहरों से सटे गांवों में कॉलोनियां बनाने की मंजूरी देने का फैसला किया है।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में सरकार कॉलोनी अधिनियम लाने जा रही है। इससे गरीबों के लिए कॉलोनियों में 15 फीसदी आवास आरक्षित होंगे। दरअसल, शहरों की बढ़ती आबादी और संसाधनों पर दबाव को देखते हुए सरकार ने शहरों से सटे गांवों में कॉलोनियां बनाने की मंजूरी देने का फैसला किया है। सरकार जल्द ही एमपी कॉलोनी एक्ट-2026 लाएगी। दावा किया जा रहा है कि इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। नियम बन चुके हैं। इसे अगली मोहन कैबिनेट में पेश किया जाएगा। प्रस्तावित एक्ट के मुताबिक कॉलोनाइजरों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाएगा।
एक करोड़ तक जुर्माना होगा
अवैध कॉलोनी बनाने पर 10 साल की सजा और 1 करोड़ तक जुर्माना होगा। लापरवाही बरतने वाले अफसर को 3 महीने की सजा होगी। निम्न वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 15 फीसदी मकान या जमीन आरक्षित करना जरूरी होगा। 2021 से पहले बनी अवैध कॉलोनियां नियमित की जाएंगी। ऐसी कॉलोनियां करीब 7 हजार हैं।
शहरी और गांव में अलग-अलग नियम
शहर में कॉलोनी डेवलप करने के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अनुमति, रेरा पंजीयन और अन्य विभागों की एनओसी जरूरी होती है। गांवों में सिर्फ जमीन बंटवारा और रजिस्ट्री के आधार पर प्लानिंग हो जाती है।
अव्यवस्थित विकास
मध्य प्रदेश नगर पालिका नियम 2021 के मुताबिक कॉलोनी में भू-उपयोग, सड़क, सीवरेज, पानी, पार्क और एहर आवास के लिए जगह जरूरी है। ग्रामीण इलाकों में ये नियम लागू नहीं होता, इसलिए यहां संकरी सड़कें, जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी वाली कॉलोनियां डेवलप हो रही हैं।
मेट्रोपॉलिटन रीजन को मंजूरी
सरकार ने मेट्रोपॉलिटन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 2025 को मंजूरी दी है। पांच शहरों में मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलप होंगे। पहले चरण में इंदौर-भोपाल शामिल होंगे। भोपाल रीजन में 9600 वर्ग किमी और इंदौर में करीब 10 हजार वर्ग किमी क्षेत्र शामिल होगा।
अवैध कॉलोनियों का निर्माण
जमीन महंगी होने से ग्रामीण इलाकों में अवैध कॉलोनियां डेवलप हो रही हैं। सरकार इनके खिलाफ ठोस कदम नहीं उठा पा रही है। यहां लोगों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
पूरे प्रदेश में लागू, कुछ क्षेत्रों को छूट
एक्ट पूरे मध्य प्रदेश में लागू होगा। इसमें नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद और चिन्हित ग्राम पंचायत क्षेत्र शामिल होंगे। कैंटोनमेंट क्षेत्र, केंद्र सरकार की भूमि और विशेष निवेश क्षेत्र इससे बाहर रहेंगे।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को देश के महत्वपूर्ण थिंक-टैंक नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है।
सतना नगर निगम में आठ एल्डरमैन की नियुक्ति के साथ परिषद का राजनीतिक समीकरण बदला। एल्डरमैन बैठकों में जनहित के मुद्दे उठा सकेंगे, लेकिन उन्हें बजट, वित्तीय अधिकार और मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा।
सतना में जनसुनवाई के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन और ईपीएफ अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। आशा कार्यकर्ता ने लंबित ज्वाइनिंग की गुहार लगाई, जबकि एक मां ने बीमार बेटे के इलाज के लिए रोजगार मांगा।
सतना फल-सब्जी मंडी में किसानों के लिए बनाई गई पानी की टंकी वर्षों से बंद पड़ी है। अब बच्चे उस पर चढ़ रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बढ़ गया है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
रेलवे ने 1 अगस्त से तत्काल टिकट बुकिंग के लिए नई टोकन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। स्वयं उपस्थित यात्रियों को एजेंटों से पहले प्राथमिकता मिलेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और दलालों पर अंकुश लगेगा।
सतना-मैहर में खरीफ सीजन के लिए खाद का पर्याप्त भंडारण होने के सरकारी दावों के बावजूद बिक्री केंद्रों पर किसानों की लंबी कतारें लगी हैं। आंकड़ों में उपलब्धता और वास्तविक वितरण के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।
दिल्ली में पीएम निवास के पास राहुल गांधी के प्रदर्शन के विरोध में भोपाल में भाजपाइयों ने कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकाला।
इंदौर में नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का उग्र प्रदर्शन। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर पहुंचे छात्रों पर कार्रवाई, दो गिरफ्तार। विधानसभा में भी गूंजा मुद्दा।
जानिए मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन की मुख्य खबरें। कांग्रेस विधायकों का विरोध प्रदर्शन, चंबल परियोजना पर तीखी बहस और 7,765.76 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट पर पूरी जानकारी।
रीवा के समान थाना पुलिस ने वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तीन वारदातों का खुलासा हुआ और चोरी के वाहन व लूटा गया मोबाइल बरामद किया गया।