सीधी नगर पालिका ने गरीब परिवारों के लिए मुफ्त शव वाहन सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया। अब अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को भटकना नहीं पड़ेगा, साथ ही अन्य सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

हाइलाइट्स
सीधी, स्टार समाचार वेब
अभी तक आप गाहे-ब-गाहे लगभग हर महीने में एक दो बार अखबारों की सुर्खियों में पढ़ते रहे हैं कि जिले के जो भी गरीब लोग जिला मुख्यालय के जिला अस्पताल या फिर नर्सिंग होम में अपने परिजनों को उपचार के लिए लाते थे और किन्हीं कारणों वश उनकी मौत हो जाती थी तो उसके बाद उन्हें शव वाहन को लेकर के भारी दिक्कत होती थी। कई बार लोग अपने कंधे पर जनाजे के रूप में कई-कई किलोमीटर दूर तक अपने उसे परिजन के शव को ले जाते थे। कुछ लोग डोली खटोली में अपने परिजनों का शव वापस ले जाते थे और कई बार तो लोग शव वाहन के नाम पर यहां के वाहन मालिकों के हाथों लुट जाते थे।
इन सब जटिल मानवीय समस्याओं के मद्देनजर सीधी नगर पालिका की अध्यक्ष काजल वर्मा ने अपनी एक परिकल्पना के तहत ऐसे सभी जाति वर्ग के गरीब परिवारों को बड़ी राहत देने की घोषणा की है। अब सीधी नगर पालिका सीमा अंतर्गत के निवासी हर ऐसे गरीब तपके के लोगों को जिनके परिजन का किन्ही कारणवश निधन हो जाता है और उन्हें अस्पताल से अपने घर तक ले जाने के लिए साधन उपलब्ध नहीं हो पाता उनको नगर पालिका परिषद सीधी अपनी तरफ से मुफ्त में शव वाहन उपलब्ध कराएगी।
गरीबों के सुख दुख में साथ खड़ी रहेगी नगर पालिका : काजल
नगर पालिका परिषद सीधी की अध्यक्ष काजल वर्मा ने मीडिया से बात करते हुये बताया है कि अतीत में उन्होने अपने कार्यकाल में नगर पालिका क्षेत्र के सामान्य, पिछड़े, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक वर्ग के गरीब लोगों के लिए शव दाह हेतु 04 क्विंटल लकड़ी की मुफ्त व्यवस्था परिषद द्वारा प्रस्ताव पारित कराकर कर रखी है और उसका अनवरत अमल हो रहा है और उसके तहत गरीब वर्ग के लोगों को लगातार संवेदनात्मक मदद बतौर शव दाह हेतु लकड़ी उपलब्ध कराई जा रही है। काजल वर्मा ने आगे कहा कि अपने परिजनों की मृत्यु के दौरान भावनात्मक और संवेदनशील क्षणों में कुछ अन्य कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुये मैंने यह तय किया है कि आगामी परिषद में ये भी प्रस्ताव रखा जावे कि नगरीय निकाय क्षेत्रान्तर्गत निवास करने वाले सभी रहवासियों को शोक के अवसर पर शव मुक्ति धाम या गऊघाट सोन नदी तट तक ले जाने हेतु शव वाहन मुफ्त उपलब्ध कराया जावे, साथ ही गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले सभी वर्ग के लोगों को पानी टैंकर शोक के अवसर पर दशगात्र, तेरहवीं हेतु व सामान्य स्थिति में उत्सव के अवसरों पर भी मुफ्त उपलब्ध कराया जावे।
उन्होंने कहा कि गरीबी रेखा में जीवन यापन न करने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगो को भी पानी टैंकर उक्त अवसरों पर मुफ्त उपलब्ध कराया जावे, यह सुविधा अल्पसंख्यक वर्ग को भी यथारूप ही उपलब्ध कराई जावेगी। नपा अध्यक्ष काजल वर्मा ने अंत में कहा कि मेरी ये परिकल्पना है कि अब कोई भी गरीब अपने किसी परिजन की मौत पर रोते विलखते हुए अपने कंधों पर शव लेकर न चले और दुख के क्षणों में उसे संस्कारो के लिए जल व लकडी हेतु न भटकना पडे़। इसी कल्पना के अधीन मैंने अपने कार्यकाल में उक्त सुविधाएं उपलब्ध हों इसके लिए प्रयास किया है। उम्मीद है कि आगे आने वाली परिषद भी उक्त जन कल्याणकारी प्रस्तावों को यथारूप जारी रखेंगी।


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