बिरसिंहपुर पीएचसी में कथित लापरवाही के चलते तीन वर्षीय मासूम की मौत हो गई, परिजनों ने एम्बुलेंस में देरी का आरोप लगाया जबकि प्रशासन ने अलग दावा किया, घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
सतना जिला अस्पताल के मुख्य द्वार पर लगा काऊ कैचर अव्यवस्थित होकर एम्बुलेंस और वाहनों के लिए खतरा बन गया है, कई हादसे होते-होते बचे, प्रबंधन और ठेकेदार की लापरवाही उजागर हुई।
सतना जिला अस्पताल में जननी एक्सप्रेस चालकों पर प्रसूता के परिजनों से पैसे मांगने का आरोप लगा है। शिकायत कलेक्टर तक पहुंचने के बाद मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सतना जिला अस्पताल में रात होते ही एम्बुलेंस दलाल सक्रिय हो जाते हैं। मरीजों को डराकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराने का खेल चल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
रीवा में बढ़ते वायु प्रदूषण और विकास कार्यों के कारण सांस के मरीज तेजी से बढ़े। 13 महीनों में 1689 मरीज 108 एम्बुलेंस से ऑक्सीजन सहारे अस्पताल पहुंचे, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर सामने आया।
सतना जिला अस्पताल के बाहर अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम से एम्बुलेंस फंस रही हैं। अवैध पार्किंग और फेरी वालों की भरमार से मरीजों को इलाज तक पहुंचने में देरी हो रही है।
रीवा में सीवर लाइन कार्य के चलते नया बस स्टैंड–बाणसागर रोड पर घंटों जाम लग रहा है, जिससे एम्बुलेंस, मरीज और आम नागरिक गंभीर संकट में हैं।
सतना रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालकों की अव्यवस्था से भीषण जाम लग गया। एम्बुलेंस तक फंसी रही। नो-पार्किंग, प्री-पेड बूथ और पुलिस तैनाती की कमी से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
सतना जिले में संस्थागत प्रसव की तमाम व्यवस्थाओं के दावों के बीच एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की एम्बुलेंस में मौत ने स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर इलाज, रेफरल व्यवस्था और प्राथमिक उपचार की कमी इस दर्दनाक घटना की बड़ी वजह मानी जा रही है।
तमिलनाडु के तेनकासी जिले में सोमवार को दो बसों की भीषण भिडंत हो गई। इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। जबकि 30 यात्री घायल हो गए। जिसमें कुछ की हालात गंभीर बताई जा रही है। मृतकों में 5 महिलाएं और एक पुरुष शामिल है।






















