श्रीलंका में चक्रवात दितवाह ने भारी तबाही मचाई है, जिसके चलते वहां के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। अब तक कम से कम 334 लोगों की मौत हो चुकी है और 370 लोग लापता हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिला कैंडी है, जहां 88 मौतें और 150 लोग लापता हैं।
श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद चक्रवात दितवाह अब भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में उफान के बीच प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अलर्ट जारी कर दिया है।
श्रीलंका में तबाही मचाने के बाद चक्रवाती तूफान दित्वा अब भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। IMD की चेतावनी के बाद चेन्नई एयरपोर्ट पर 54 उड़ानें रद्द, स्कूल बंद। जानें ताजा अपडेट्स।
चक्रवाती तूफान दितवाह को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग ने तीन राज्यों में अत्यधिक तेज आंधी और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं तमिलनाडु में जिला प्रशासन ने 22 बेहद संवेदनशील और 39 उच्च संवेदनशील इलाकों की पहचान कर जरूरी उपकरण व कर्मी तैनात कर दिए हैं।
मध्य प्रदेश के मौसम पर पश्चिमी विक्षोभ का असर! उत्तरी पंजाब में चक्रवातीय परिसंचरण और ट्रफ़ सक्रिय। इसके आगे बढ़ने के बाद हवा का रुख उत्तरी होगा और न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी।
चक्रवात मोंथा लगातार कमजोर हो रहा है, लेकिन इसका असर कई राज्यों में देखा जा रहा है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा में चक्रवात से काफी नुकसान हुआ है। आंध्र प्रदेश में तीन लोगों की मौत हो गई, 42 मवेशी मारे गए और करीब 1.5 लाख एकड़ में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं।
चक्रवात मोन्था आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से गुजरकर बुधवार सुबह ओडिशा के गंजम में गोपालपुर बीच पर पहुंच गया है। गंजम के समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ रही हैं और 80-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। लैंडफॉल के बावजूद अगले 6 घंटों तक इसका असर रहेगा।
बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र और अधिक गहरा हो गया है। अब यह धीरे-धीरे पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण पश्चिम और निकटवर्ती पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।
महाराष्ट्र में चक्रवात शक्ति के खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने 7 अक्टूबर तक के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। इस चक्रवात की तीव्रता उच्च से मध्यम स्तर की होगी। यह तटीय जिलों के साथ-साथ विदर्भ, मराठवाड़ा और कोकण क्षेत्रों में भारी तबाही मचा सकता है। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगड, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जैसे तटीय जिलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।






















