वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर मिश्रा की पावर गैलरी में नगर निगम, जनपद पंचायत और प्रशासनिक गलियारों की चर्चित राजनीतिक हलचलों, प्रोटोकॉल विवाद, अविश्वास प्रस्ताव और चर्चाओं पर आधारित व्यंग्यात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
मैहर में 111 अपात्र व्यक्तियों को बीपीएल सूची में शामिल कर योजनाओं का लाभ दिलाने के मामले में ईओडब्ल्यू ने दो पूर्व सीईओ समेत छह अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
मैहर जनपद पंचायत में 111 अपात्र व्यक्तियों को फर्जी तरीके से बीपीएल सूची में शामिल कर योजनाओं का लाभ दिलाने का मामला सामने आया है। ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद छह अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।
भोपाल जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने पचमढ़ी में हंगामा करने वाले सचिव ओमप्रकाश शर्मा और स्वच्छता कार्य में लापरवाही बरतने वाले तिलक सिंह को निलंबित किया।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में तड़के एक भयावह सड़क हादसा हो गया। एक कार अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी। इस हादसे में कार में सवार छह लोगों में से पांच की डूबने से मौत हो गई, जबकि चालक घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
देवास के टोंकखुर्द जनपद पंचायत के सीईओ राजेश सोनी को लोकायुक्त उज्जैन ने 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। रोजगार सहायक कृष्णपाल सिंह का तबादला करने के बदले रिश्वत मांगी गई थी। टीम में सात से अधिक अधिकारी कर्मचारी शामिल थे।
मध्यप्रदेश में सरकार की लाख सख्ती के बाद भी जिलों में घूसखोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब चंबल अंचल के मुुरैना जिले में लोकायुक्त पुलिस ने जनपद पंचायत के एक घूसखोर बाबू को रंगे हाथों पकड़ा है। यह बाबू एक रिटायर कर्मचारी से घूस की दूसरी किस्त ले रहा था।
सिंगरौली जिले की देवसर जनपद पंचायत के बरका ग्राम में निर्माणाधीन शॉपिंग रूम के कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार सहायक द्वारा मानक विहीन निर्माण कराया जा रहा है। रेत, सीमेंट और सरिया की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं, जबकि उपयंत्री को इसकी जानकारी तक नहीं है। स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि पंचायत में केवल रोजगार सहायक की मनमानी चल रही है और जिम्मेदार अधिकारी मौके से नदारद हैं।
गौरिहार जनपद की करहरी, टिकरी, सिसोलर और रेवना ग्राम पंचायतों में सफाई, कार्यालय व्यय और प्रचार-प्रसार के नाम पर लाखों रुपये फर्जी और धुंधले बिल अपलोड कर खर्च दिखाए गए। सरपंच-सचिव द्वारा अपने रिश्तेदारों और लोकल वेंडरों के नाम पर भुगतान कर सरकारी राशि ठिकाने लगाने का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग की।
सतना जिले के 59 गांव अधूरे प्रशासनिक बंटवारे की मार झेल रहे हैं। राजस्व कार्य रामपुर बाघेलान तहसील में और पंचायत कार्य अमरपाटन जनपद में होने से ग्रामीण परेशान हैं। योजनाओं का लाभ भी अधर में अटका हुआ है।






















