सतना नगर निगम महापौर पद के आरक्षण से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस में कई संभावित दावेदारों के नाम चर्चा में हैं, जबकि अंतिम तस्वीर आरक्षण प्रक्रिया के बाद ही साफ होगी।
मध्य प्रदेश नगरीय निकाय चुनाव 2027 को लेकर सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। महापौर और नगरपालिका अध्यक्ष पदों के आरक्षण के लिए नगरीय प्रशासन आयुक्त को अधिकृत अधिकारी बनाया गया है।
सतना नगर निगम में बजट को लेकर महापौर और कमिश्नर के बीच टकराव गहराया है। समयसीमा नजदीक होने के बावजूद बजट पास नहीं हो सका, जिससे विकास कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
नगर निगम की बजट काउंसिल बैठक हंगामे की भेंट चढ़ी। स्लॉटर हाउस और आदमपुर लैंडफिल टेंडर को लेकर सत्ता पक्ष-विपक्ष में तीखा टकराव। जानें पूरी रिपोर्ट।
भोपाल नगर निगम की बैठक में स्लॉटर हाउस विवाद को लेकर भारी हंगामा। कांग्रेस ने महापौर मालती राय का इस्तीफा मांगा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पशु चिकित्सक बेनी प्रसाद गौर को सस्पेंड किया।
वार्ड क्रमांक 5 में नाली निर्माण के दौरान भारी अनियमितताएं पकड़ में आने पर महापौर योगेश ताम्रकार ने मौके पर पहुँचकर गुणवत्ताहीन कार्य को तुरंत तोड़ने और नए सिरे से बनाने के निर्देश दिए। ठेकेदार का भुगतान रोकते हुए चेतावनी दी गई कि निर्धारित मानकों से समझौता करने पर ब्लैकलिस्ट की कार्यवाही होगी।
इंदौर के दशहरा मैदान में रविवार सुबह एक शानदार नजारा देखने को मिला, जब हजारों लोग वन इंदौर, रन इंदौर मैराथन में शामिल होने पहुंचे। मैराथन का सीएम डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल शुभारंभ किया।
सतना और रीवा नगर निगम की राजनीति अक्सर जनप्रतिनिधियों के करियर की अंतिम सीढ़ी बनकर रह जाती है। जिले में अब तक कोई भी महापौर विधानसभा या लोकसभा तक नहीं पहुंच सका। इसके उलट, जिला पंचायत से निकलकर कई नेता विधायक-सांसद बने। सवाल है — क्या योगेश ताम्रकार, राजेश पालन और अजय मिश्रा इस ट्रेंड को बदल पाएंगे?
सतना नगर निगम की एमआईसी बैठक में ठेकेदारों के पक्ष में खड़े रहने वाले अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। एमआईसी सदस्य अंशू ने इंजीनियरों की निष्क्रियता और पार्षदों की अनदेखी को लेकर नाराजगी जताई। खराब सड़कों, मलबे की सफाई, तालाब सौंदर्यीकरण से लेकर पेयजल आपूर्ति तक कई मुद्दों पर लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय।
सिंगरौली के परसौना में कोल वाहन की चपेट में आकर दूध बेचने जा रहे 52 वर्षीय अधेड़ की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर 6 घंटे तक रजमिलान मार्ग को जाम किया। विधायक रामनिवास शाह और महापौर रानी अग्रवाल मौके पर पहुंचे। परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही और दबाव बनाने का आरोप लगाया।






















