ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। आज यानी मंगलवार को केंद्रीय कृषि विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में जिन किसानों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन बार-बार विफल हो रहा है, उनके लिए विशेष छूट दी गई है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में इन दिनों बड़ी उथल-पुथल मची हुई है। प्राइवेट स्पेस सेक्टर के आकर्षक पैकेज की ओर आकर्षित होकर पिछले एक साल में चंद्रयान-3 और गगनयान जैसे अहम मिशन से जुड़े 100 से 120 वरिष्ठ वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इस्तीफा दे दिया है।
दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ तट पर आज सुबह आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने पूरे प्रशांत क्षेत्र में दहशत फैला दी। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार अब तक पांच लोगों की मौत हो गई है। भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और जापान समेत कई देशों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है।
विधानसभा के बजट सत्र का नौवां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सिंगरौली जिले के धिरौली स्थित अडानी के कोल ब्लॉक का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कोल ब्लॉक के लिए 8 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है और कलेक्टर की सूची के अनुसार 12,998 परिवार प्रभावित हैं। प्रभावित आदिवासी परिवारों को पूरा मुआवजा नहीं मिला है।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज आठवां दिन है। सिंगरौली में अदानी समूह की कोल माइंस के लिए पेड़ कटाई के मामले पर सिंगरौली के भाजपा विधायक रामनिवास शाह ने कहा कि पेड़ कटाई में सिंगरौली का एक पैसे का नुकसान नहीं होगा।
मध्यप्रदेश के दो आईपीएस अब केंद्र में अपनी सेवाएं देंगे। मृगाखी डेका और अभिनव चौकसे को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है। दोनों ही अफसर वर्तमान में प्रदेश के महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे।
बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने ICC और BCCI पर निशाना साधते हुए कहा है कि सुरक्षा कारणों से मैच शिफ्ट न होने पर वे कोई भी अनुचित फैसला स्वीकार नहीं करेंगे।
मध्यप्रदेश विधानसभा में 13,474 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित। विपक्ष ने कर्ज वृद्धि और योजनाओं की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाए, जबकि सरकार ने विकास मॉडल का बचाव किया।
सतना नगर निगम हर माह सफाई कर्मियों के वेतन पर ₹1.63 करोड़ खर्च कर रहा है, फिर भी शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। नालियों की सफाई नहीं, नियमित कचरा कलेक्शन नहीं, पार्षदों की शिकायतें अनसुनी। जानिए पूरी रिपोर्ट।




















