ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के शिखर पर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा गुड़ी पड़वा पर 19 मार्च को ब्रह्म ध्वज आरोहण होगा। दो हजार साल पहले उज्जयिनी के सम्राट विक्रमादित्य ने इसकी शुरुआत की थी। गौरवशाली परंपरा को अविस्मरणीय बनाने के लिए उन्होंने सिक्के भी जारी किए थे।
उज्जैन महाकाल मंदिर में होली का उत्सव और 3 मार्च को लगने वाले चंद्रग्रहण का प्रभाव। जानें भस्म आरती की परंपरा और ग्रहण के बाद शुद्धिकरण का समय।
मध्यप्रदेश में विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के होने वाली भस्म आरती में भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ शामिल हुए। आरती के बाद उन्होंने देहरी से दर्शन कर भगवान महाकाल को जल अर्पित किया। उन्होंने दो घंटे तक नंदी हाल में बैठकर भगवान महाकाल का जाप किया और प्रात:कालीन आरती में सहभागिता कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित महाकालेश्वर मंदिर में आज यानी बुधवार को सुबह राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया दर्शन करने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने नंदी हाल से भगवान महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
मध्यप्रदेश के उज्जैन में अब राजा महाराजाओं के समय की परंपराएं लौटने जा रही है, जो भक्त बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आएंगे, वो भव्य द्वारों से होकर मंदिर परिसर में पहुंचेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल के बाद ये फैसला लिया गया ह। महाकाल मंदिर पहुंचने वाले रास्तों पर प्रवेश द्वार बनेंगे।
महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर 24 घंटे दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा। इस वजह से प्रतिदिन रात साढ़े आठ बजे होने वाली शयन आरती नहीं होगी। महापर्व पर भगवान शिव भी रतजगा करेंगे। ज्योतिर्लिंग मंदिर की फूलों से सजावट की जाएगी।
याचिकाकर्ता दर्पण अवस्थी ने इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करते हुए वीआपी दर्शन पर रोक लगाने की मांग की थी। मगर, हाईकोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।



















