संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी को भारत-आधारित आपराधिक समूह बताए जाने पर भारत ने कड़ा एतराज जताया है। भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत बताया है।
देश में वर्ष 2022 से 2026 के बीच चुनाव जीतने के बाद 111 सांसदों और विधायकों ने अपनी राजनीतिक पार्टी बदली है। इनमें 26 लोकसभा सांसद, 7 राज्यसभा सांसद और 78 विधायक शामिल हैं। चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाली संस्था एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच की नवीनतम रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
बिहार के जमुई, समस्तीपुर और बांका से लेकर दिल्ली के कालकाजी और ओडिशा के धेनकनाल तक—देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई यौन हिंसा की जघन्य घटनाओं ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इन घटनाओं के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आक्रोश है।
राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में 14 रजिस्टर्ड अनरिकग्नाइज्ड पॉलिटिकल पार्टियों (आरयूपीपी) ने 20 हजार से ज्यादा के कुल 682.28 करोड़ रुपए के चंदे की जानकारी दी है।
संयुक्त राष्ट्र (UN) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस के भीतर रोकना अब असंभव हो गया है। जानिए जलवायु परिवर्तन के इस नए और खतरनाक दौर के बारे में पूरी जानकारी।
NFHS-6 के नए आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में बाल विवाह की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट। जानिए ग्रामीण-शहरी अंतर और आगर मालवा, हरदा, राजगढ़ जैसे जिलों के आंकड़े।
देशभर में सरकारी स्कूलों की बदहाली और घटती छात्र संख्या के बीच राज्यों के शिक्षा बजट को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार अपने कुल बजट का औसतन केवल 13.76 फीसदी ही शिक्षा पर खर्च कर रही है।
भारत के सबसे पसंदीदा मनोरंजन प्लेटफॉर्म में से एक प्राइम वीडियो ने आज अपनी आगामी प्राइम ओरिजिनल फिल्म बबीता सिंह रिपोर्टिंग का आफिशियल ट्रेलर रिलीज हो गया है और वर्ल्डवाइड प्रीमियर की तारीख की घोषणा कर दी है।
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के हाई-प्रोफाइल मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) की अंतिम रिपोर्ट आते ही देशभर में सियासी तूफान और आस्था से जुड़ा नया विवाद छिड़ गया है।
दुनिया भर में आने वाले वर्षों में एक नया खाद्य और आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। वैश्विक वित्तीय सेवा फर्म जेपी मॉर्गन ने एक चेतावनी रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि वर्ष 2027 में विश्व की खाद्य प्रणाली को एक बड़े आपूर्ति संकट का सामना करना पड़ सकता है।






















