मध्य प्रदेश के गुना जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक पाइप निर्माण फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्ट्री परिसर से उठता काले धुएं का गुबार कई किमी दूर तक दिखाई देने लगा। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कई दमकल की गाड़िया आग बुझाने में जुटी रहीं
जनहानि नहीं, नुकसान का आकलन-जांच जारी

गुना। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश के गुना जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक पाइप निर्माण फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्ट्री परिसर से उठता काले धुएं का गुबार कई किमी दूर तक दिखाई देने लगा। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यही नहीं, देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्टरी में रखा कच्चा माल, प्लास्टिक दाना और तैयार पाइप जलकर खाक हो गए। दावा किया जा रहा है कि इस अग्निकांड में 75 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि आग लगने के समय फैक्टरी में मौजूद कर्मचारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है।
चार दमकल मौके पर पहुंचीं
बीती देर रात फैक्टरी में अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार आसमान में छा गया। सूचना मिलते ही नगर पालिका की चार फायर ब्रिगेड और चार पानी के टैंकर मौके पर पहुंच गए। आग की तीव्रता और घने धुएं के कारण दमकल कर्मियों को फैक्टरी के भीतर प्रवेश करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। हालात को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल जेसीबी मशीन बुलवाई। जेसीबी की मदद से फैक्ट्री की दीवार और मुख्य गेट को तोड़ा गया, जिसके बाद दमकल वाहन अंदर पहुंच सके।
मशक्कत के बाद पाया काबू
दमकल कर्मियों ने चारों ओर से मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए पानी के साथ-साथ फोम का भी इस्तेमाल किया गया। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो आसपास स्थित अन्य औद्योगिक इकाइयां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं।
पुलिस-प्रशासन रहा मौजूद
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन, नगर पालिका के अधिकारी और व्यापार संघ अध्यक्ष राजेश अग्रवाल मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करते रहे। फैक्ट्री संचालक भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य एकत्र करेगी। साथ ही फैक्टरी में अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी।
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