भोपाल में ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमार्टम एम्स के डॉक्टरों की टीम द्वारा पूरा कर लिया गया है। आज शाम भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार होगा। जानिए SIT पूछताछ और 20 सवालों का पूरा सच।

दिल्ली एक्स की टीम ने चार घंटे किया पीएम
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में दूसरा पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है। करीब 4 घंटे तक चली इस बेहद जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया के बाद एम्स की टीम वापस दिल्ली लौट गई है। जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ यह पोस्टमार्टम दोपहर बाद समाप्त हुआ।
दूसरी तरफ, संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वालीं एक्ट्रेस ट्विशा का मौत के 12 दिन बाद रविवार को भोपाल के भदभदा श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस भावुक क्षण के दौरान मृतका की मां और पूरा परिवार फूट-फूटकर रो पड़ा।
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में अब हर किसी की नजरें एम्स के मेडिकल बोर्ड द्वारा तैयार की जाने वाली दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। कानूनी और फॉरेंसिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तृत रिपोर्ट के सामने आने के बाद ट्विशा की मौत से जुड़े कई ऐसे गहरे राज और अहम सवाल हैं, जिनसे पर्दा उठ सकता है। यह रिपोर्ट इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की दिशा तय करने में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होने वाली है।
इस मामले में पुलिस और एसआईटी के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपी पति समर्थ सिंह से सच उगलवाना है। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने समर्थ सिंह के सामने 20 बेहद कड़े और अहम सवाल रखे हैं, जिनका जवाब देने में उसके पसीने छूट रहे हैं। इनमें सबसे मुख्य सवाल है– "12 मई को आप कहां थे और उस वक्त क्या हुआ था?" इन 20 सवालों में ही ट्विशा की मौत का असली राज छिपा माना जा रहा है, लेकिन समर्थ लगातार गोलमोल जवाब देकर जांच भटकाने की कोशिश कर रहा है।
ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने पहले हुए पोस्टमार्टम की विश्वसनीयता और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने शनिवार को दिल्ली एम्स द्वारा गठित विशेष मेडिकल बोर्ड को एक आधिकारिक पत्र लिखा था, जिसमें पहले पोस्टमार्टम की कमियों को उजागर किया गया था।
पिता का आरोप था कि शुरुआती जांच में कई जरूरी और संवेदनशील पहलुओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। परिवार ने मेडिकल बोर्ड से पुरजोर अपील की थी कि इस मामले की दोबारा जांच पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों से की जाए।
फॉरेंसिक जांच (Forensic Examination): घटनाक्रम के भौतिक साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से परखने के लिए।
पैथोलॉजिकल जांच (Pathological Test): शरीर के आंतरिक अंगों और ऊतकों (Tissues) की स्थिति स्पष्ट करने के लिए।
रेडियोलॉजिकल जांच (Radiological Investigation): किसी भी तरह की अंदरूनी चोट या हड्डी टूटने जैसी स्थिति को एक्स-रे/स्कैन के जरिए देखने के लिए।
परिवार का बयान: "हमारा उद्देश्य किसी भी जांच एजेंसी या व्यक्ति पर कोई दबाव बनाना नहीं है। हम सिर्फ अपनी वाजिब चिंताओं को सामने रख रहे हैं, ताकि हमारी बेटी की मौत का सच पूरी प्रामाणिकता के साथ सामने आ सके।"
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद आरोपी पति समर्थ सिंह को घटना के 12 दिन बाद गिरफ्तार किया जा सका था। फिलहाल वह पुलिस रिमांड पर है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गठित की गई विशेष जांच टीम (SIT) उससे लगातार मैराथन पूछताछ कर रही है।
हालांकि, पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जांच टीम को पूछताछ में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। समर्थ सिंह बेहद शातिराना तरीके से अहम सवालों के सीधे जवाब देने से बच रहा है और जांच में बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है।
भले ही आरोपी पति जांच में सहयोग न कर रहा हो, लेकिन एसआईटी (SIT) अब चौतरफा घेराबंदी में जुट गई है। पुलिस अब एम्स की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की राय और आरोपी से अब तक हुई पूछताछ के बयानों का मिलान कर रही है। इन तमाम कड़ियों को आपस में जोड़कर घटनाक्रम का एक सटीक टाइमलाइन तैयार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दो से तीन दिनों के भीतर इस रहस्यमयी केस में कई चौंकाने वाले और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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