भोपाल में पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में परिजनों ने CM मोहन यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने CBI जांच के संकेत दिए हैं। जानिए क्यों परिवार दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है।

भोपाल। स्टार समाचार वेब
सेवानिवृत्त जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए मृतका के परिजनों ने दिल्ली एम्स (AIIMS Delhi) में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। इस बीच, पीड़ित परिवार ने बुधवार को मंत्रालय में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया और कहा कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले की सीबीआई (CBI) जांच के लिए केंद्र को पत्र लिखेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ किया कि दोबारा पोस्टमार्टम कराने के संबंध में अंतिम फैसला अदालत का ही होगा। हालांकि, उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए घोषणा की कि यदि परिजन ट्विशा के पार्थिव शरीर को दिल्ली एम्स ले जाना चाहते हैं, तो राज्य सरकार परिवहन (गाड़ी) का पूरा खर्च और सुविधा उपलब्ध कराएगी।
मीडिया रिपोअर् परिजनों को आशंका है कि ससुराल पक्ष के स्थानीय प्रभाव के कारण भोपाल में निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है। इस पर भोपाल पुलिस कमिश्नर (IPS) संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस को दूसरे पोस्टमार्टम से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसकी कानूनी अनुमति कोर्ट से ही मिलेगी। फिलहाल, मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है और फरार आरोपी पति की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
ट्विशा के परिजनों ने भोपाल की एक अदालत में अर्जी दाखिल कर पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट को कटघरे में खड़ा किया है। परिजनों का आरोप है कि मृतका के शरीर पर मौजूद चोट के निशानों को शुरुआती रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया। संक्षिप्त (Brief) पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि जांचकर्ताओं ने डॉक्टरों को वह फंदा (वस्तु) उपलब्ध ही नहीं कराया, जिससे कथित तौर पर फांसी लगाने की बात कही जा रही है।
परिजनों के वकील अंकुर पांडे के अनुसार, स्थानीय प्रभाव के कारण भोपाल में निष्पक्ष जांच होना मुश्किल लग रहा है। दरअसल, ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह की बहन भोपाल में ही एक सर्जन हैं, जिन्हें पहले पोस्टमार्टम के दौरान एम्स भोपाल के आसपास देखा गया था। इसी प्रभाव से बचने के लिए परिवार दिल्ली एम्स में स्वतंत्र चिकित्सकीय परीक्षण की मांग कर रहा है। परिजनों ने बयान जारी कर पूछा है:
"यदि आरोपी वास्तव में बेगुनाह हैं, तो एम्स दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में स्वतंत्र चिकित्सकीय परीक्षण को लेकर हिचकिचाहट क्यों है? एक शोकाकुल परिवार केवल सच्चाई और वैज्ञानिक स्पष्टता की मांग कर रहा है।"
यह दुखद घटना 12 मई 2026 की रात की है, जब ट्विशा कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी पाई गई थीं। उनका विवाह दिसंबर 2025 में हुआ था। पुलिस ने इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह (अधिवक्ता) और सास गिरीबाला सिंह के खिलाफ दहेज मृत्यु, प्रताड़ना और मारपीट का मामला दर्ज किया है।
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस डायरी तलब की है और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) की अदालत इस अर्जी पर सुनवाई करेगी। सबूत नष्ट करने के आरोपों की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) लगातार तफ्तीश में जुटा है।
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